गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी सरकार की ओर से भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण आयात शुल्क 25% बढ़ाकर कुल 50% कर देने का असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर पड़ा। इसके साथ ही विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने भी बाजार को और नीचे धकेल दिया।
सेंसेक्स 705 अंक टूटा, निफ्टी भी 200 अंक से ज्यादा फिसला
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 705.97 अंक (0.87%) गिरकर 80,080.57 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से केवल 7 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 23 शेयरों में गिरावट रही।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 211.15 अंक (0.85%) टूटकर 24,500.90 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में सबसे ज्यादा दबाव दिखा और यह तीन महीने के निचले स्तर 53,820 पर बंद हुआ, जो 630 अंक की गिरावट है।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
गिरावट भरे दिन में भी कुछ शेयर मजबूती दिखाने में सफल रहे।
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बढ़त वाले शेयर: टाइटन, एलएंडटी, मारुति, एक्सिस बैंक, रिलायंस, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस।
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गिरने वाले शेयर: एचसीएल टेक, इन्फोसिस, पावरग्रिड, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर।
क्यों टूटा बाजार?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे बड़ा दबाव अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी से आया है। बुधवार से भारत के उत्पादों पर अमेरिकी आयात शुल्क 25% बढ़ा दिया गया है। इसके असर से निवेशकों ने बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली की।
सेंसेक्स में एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियों में गिरावट देखने को मिली। वहीं, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में आंशिक खरीदारी जारी रही।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला।
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दक्षिण कोरिया का Kospi, चीन का Shanghai SSE Composite और जापान का Nikkei 225 हरे निशान में रहे।
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जबकि हांगकांग का Hang Seng लाल निशान में बंद हुआ।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, जिससे घरेलू निवेशकों का भरोसा और कमजोर हुआ।
कच्चे तेल और विदेशी निवेश का दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई। ब्रेंट क्रूड 0.76% गिरकर 67.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 6,516.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 7,060.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
छुट्टी के बाद आई तेज बिकवाली
गौरतलब है कि बुधवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर शेयर बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार बंद थे। छुट्टी के बाद पहले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की, जिससे बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।
