पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के हालातों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पंजाब ने राज्यभर में एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से साफ-सफाई और सावधानियों पर ध्यान देने की अपील की है, ताकि पानी और भोजन से फैलने वाली बीमारियों के साथ-साथ मच्छरजनित (वेक्टर बॉर्न) बीमारियों पर भी रोक लगाई जा सके।
किन सावधानियों का रखें ख्याल?
एडवाइजरी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित लोगों को हिदायत दी गई है कि वे सीधे बाढ़ के पानी से संपर्क से बचें और पानी भरे इलाकों में जाते समय मजबूत व सुरक्षित जूते पहनें। हाथों को बार-बार साबुन और साफ पानी से धोना जरूरी है, खासकर खाने से पहले।
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केवल उबला हुआ या क्लोरीन मिला पानी ही पिएं।
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पानी को हमेशा ढक्कन वाले साफ बर्तन में ही स्टोर करें।
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बाढ़ के पानी में आए खाद्य पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें।
मच्छरों से बचाव बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चेताया है कि बाढ़ के पानी में मच्छरों के पनपने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए:
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घर और छत पर जमा पानी को तुरंत हटाएं।
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टायर, डिब्बे और बर्तन में पानी इकट्ठा न होने दें।
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बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए।
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पूरी बांह वाले कपड़े पहनें और शाम ढलने के बाद पानी या झाड़ियों वाले इलाकों में जाने से बचें।
त्वचा और संक्रमण से बचाव
विभाग ने सलाह दी है कि लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जल्द से जल्द कपड़े बदलकर सूखे कपड़े पहनें। खुजली या फुंसियां होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा या मरहम लगाएं।
डायरिया और दस्त में तुरंत इलाज
बाढ़ के दौरान दस्त और डायरिया का खतरा सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि दस्त लगने पर तुरंत ओआरएस का सेवन शुरू करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए विभाग ने हाई अलर्ट घोषित किया है।
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360 मोबाइल मेडिकल टीमें और 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
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172 एंबुलेंस दिन-रात राहत कार्यों के लिए मुहैया कराई गई हैं।
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मेडिकल कैंप और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र तेजी से स्थापित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने की समीक्षा बैठक
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और बीमारियों की रोकथाम को लेकर बड़े स्तर पर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), रेड क्रॉस और केमिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तुरंत राहत और इलाज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लोगों से अपील
विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए साफ पानी का इस्तेमाल करें, भोजन को ढककर रखें और किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
