श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के सभी सांसदों को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है, जिसमें केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले ‘वीर बल दिवस’ का नाम बदलकर ‘साहिबजादे शहादत दिवस’ रखने की अपील की गई है। यह पत्र श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के प्रभारी द्वारा जारी किया गया।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
इस पत्र पर पहल करते हुए राज्यसभा सदस्य और पर्यावरणविद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अलग से एक विस्तृत पत्र लिखकर इस मांग का समर्थन किया। संत सीचेवाल ने अपने पत्र में कहा कि भारत सरकार ने 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर ‘वीर बल दिवस’ मनाने का निर्णय लिया था, जो सराहनीय कदम है, लेकिन इसका नाम सिख परंपरा और इतिहास के अनुरूप बदलना बेहद आवश्यक है।
सिख भावनाओं को ध्यान में रखने की अपील
संत सीचेवाल ने पंजाबी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सिख समुदाय की भावनाओं और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, साल 2025 के पवित्र शहादत दिवस से पहले इस दिन का नाम बदलकर ‘साहिबजादे शहादत दिवस’ कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि चारों साहिबजादों की शहादत सिख इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे पूरे सम्मान और सही नाम के साथ याद किया जाना चाहिए।
सिख संगठनों ने भी जताई आपत्ति
संत सीचेवाल ने यह भी बताया कि ‘वीर बल दिवस’ नाम घोषित होने के बाद से ही कई सिख संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। विभिन्न संस्थाओं ने श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र भेजकर कहा है कि यह नाम साहिबजादों की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को ठीक तरह से नहीं दर्शाता। इसी कारण से नाम बदलने की मांग बीते दो वर्षों से लगातार की जा रही है।
साहिबजादों की कुर्बानी अतुलनीय
सीचेवाल ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि चारों साहिबजादे—साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह—सिख इतिहास के महान आदर्श हैं। उनकी कुर्बानी सिर्फ सिख समुदाय के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। इसलिए, उनके शहादत दिवस को सही नाम देना ऐतिहासिक न्याय भी है और भावनात्मक सम्मान भी।
