पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ ने दर्जनों गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सतलुज, ब्यास और घग्गर जैसी नदियां उफान पर हैं और हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। इसी बीच, मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के लिए एक और बड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग ने 30 और 31 अगस्त को पंजाब के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट घोषित किया है।
किन जिलों में भारी बारिश की संभावना
आईएमडी की ताज़ा भविष्यवाणी के अनुसार, 29 अगस्त को गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 48 घंटे पंजाब के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं, ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।
30 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट
30 अगस्त को विभाग ने राज्य में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि मोहाली, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब सहित अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में बहुत भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की भी संभावना है।
31 अगस्त और 1 सितंबर भी रहेंगे चुनौतीपूर्ण
भविष्यवाणी के अनुसार, 31 अगस्त और 1 सितंबर को भी पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेषकर पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, 2 सितंबर को बारिश को लेकर फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भी अलर्ट, पंजाब पर असर
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इन राज्यों से लगते पंजाब के सीमावर्ती जिलों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। साथ ही, यदि हिमाचल प्रदेश के डैमों का जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है, तो पंजाब की नदियों और नहरों में पानी का स्तर और बढ़ सकता है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग और प्रशासन ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वे दरियाई किनारों और जलभराव वाले इलाकों में न जाएं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। प्रशासन ने कहा है कि आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दल तैनात हैं, लेकिन लोगों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना होगा।
