पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने तरनतारण पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त ऑपरेशन में विदेश-आधारित आतंकी लखवीर सिंह उर्फ लंडा हरिके के दो नजदीकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की और हरप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के रूप में हुई है।
हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों से एक .32 बोर पिस्तौल, एक .315 बोर पिस्तौल और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि ये हथियार आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
विक्रमजीत सिंह पहले से फरार
जानकारी के अनुसार, विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की पहले से ही घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) है। उस पर मार्च 2024 में थाना झब्बाल, तरनतारण में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई हुई थी। तब से वह फरार चल रहा था। उसका एक साथी अजयपाल उर्फ मोटा मार्च 2025 में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हो चुका है।
आपराधिक पृष्ठभूमि उजागर
दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। इन पर हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और स्नैचिंग जैसे गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी से कई पुराने और लंबित मामलों की गुत्थी भी सुलझ गई है।
आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश
पंजाब पुलिस ने साफ कहा है कि उनका मिशन राज्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ को पूरी तरह खत्म करना है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि इनके नेटवर्क, विदेश बैठे हैंडलर्स और फंडिंग चैनल का पता लगाया जा सके।
शांति और सुरक्षा के लिए सख्त कदम
Punjab Police की ओर से दोहराया गया है कि पंजाब की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एजीटीएफ और स्थानीय पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों और आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।
