पंजाब में सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके कारण कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सिर्फ फिरोजपुर जिले में ही 112 गांव पानी से घिर चुके हैं। वहीं, पूरे पंजाब में अब तक 1200 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
संदीप पाठक ने किया दौरा
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए फिरोजपुर पहुंचे। उन्होंने खास तौर पर हुसैनीवाला बॉर्डर के पास स्थित गाटी राजोके गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं।
सांसद पाठक ने कहा कि पंजाब के किसानों और ग्रामीण इलाकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और राज्य को तुरंत मदद मिलनी चाहिए।
केंद्र से मदद की अपील
संदीप पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही केंद्र सरकार से 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा, पंजाब सरकार ने यह भी अनुरोध किया है कि केंद्र जल्द से जल्द रूरल डेवलपमेंट फंड का बकाया जारी करे, ताकि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाए जा सकें।
किसानों को भारी नुकसान
बाढ़ का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है।
- हजारों एकड़ जमीन में खड़ी फसलें पानी में डूब चुकी हैं।
- किसान अपनी सालभर की मेहनत बर्बाद होते देख निराश हैं।
- जिन गांवों में पानी भर गया है, वहां लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी अस्त-व्यस्त हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि असली नुकसान का अंदाजा तो पानी उतरने के बाद ही लगाया जा सकेगा, लेकिन अभी तक की स्थिति बेहद भयावह है।
घरों में घुसा पानी
सोमवार रात से हालात और बिगड़ गए। सतलुज का जलस्तर बढ़ने के कारण कई घरों में पांच से छह फीट तक पानी भर गया। लोगों ने अपना जरूरी सामान छत पर पहुंचा दिया है और मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है।
राहत शिविरों की व्यवस्था
मोगा प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लिए राहत की व्यवस्था शुरू कर दी है। तीन गांवों के लोगों को पास के सरकारी स्कूलों में राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। इन शिविरों में
- पीने का पानी,
- दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं,
- तथा भोजन की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, प्रभावित परिवारों का कहना है कि यह मदद अभी भी उनकी जरूरतों के मुकाबले बहुत कम है।
लोगों की चिंता
गांवों में रहने वाले लोगों को डर है कि अगर सतलुज का जलस्तर और बढ़ा तो हालात और भी गंभीर हो जाएंगे। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ते पानी ने उनके मन में असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।
पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सतलुज का जलस्तर अभी भी खतरे की रेखा के आसपास है। किसानों की फसलें नष्ट हो चुकी हैं, घर पानी में डूब गए हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। अब लोगों की उम्मीदें सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जल्द से जल्द राहत और पुनर्वास का काम तेज करें।
