पंजाब इन दिनों बाढ़ की भारी मार झेल रहा है। कई गांव पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को पंजाब पहुंचने वाले हैं। वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और राहत कार्यों की स्थिति की प्रत्यक्ष समीक्षा करेंगे।
दिल्ली से लगातार आ रही मदद
अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि दिल्ली से हर दिन आप का कोई न कोई नेता, विधायक या कार्यकर्ता राहत सामग्री लेकर पंजाब पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अभियान नहीं है, बल्कि दिल्ली और पंजाब के रिश्तों को जोड़ने वाली एक मजबूत डोर है।
दिल्ली में पार्टी के कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन लगातार राशन, दवाइयां, कपड़े और अन्य जरूरी सामान इकट्ठा कर रहे हैं। इन्हें पैक करके ट्रकों के जरिए सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जा रहा है।
राहत सामग्री की लिस्ट
अब तक भेजी गई सामग्री में—
- ORS और दवाइयां
- साबुन और सैनिटाइज़र
- त्रिपाल और मच्छरदानी
- टॉर्च, कैंडल और बैटरी
- ड्राय मिल्क, डाइपर्स और बिस्किट
- कपड़े, बिस्तर और पानी की बोतलें
शामिल हैं। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज खुद एक टीम के साथ पंजाब पहुंच चुके हैं और उन्होंने राहत सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई।
विधायकों और सांसदों ने दिया वेतन
आप के सांसदों और विधायकों ने भी इंसानियत की मिसाल पेश की है। सभी ने अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने का फैसला किया है। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं, लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं समझ रहे हैं।
प्रशासन और टीमें अलर्ट पर
पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी राहत कार्यों में तेजी ला दी है।
- NDRF की टीमें लगातार गांवों से लोगों को सुरक्षित निकाल रही हैं।
- स्वास्थ्य विभाग प्रभावित लोगों तक दवाइयां और मेडिकल सेवाएं पहुंचा रहा है।
- स्थानीय प्रशासन और पंचायतें मिलकर राहत सामग्री वितरण में जुटी हैं।
केजरीवाल का संदेश
अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर देश के सभी राज्यों और सामाजिक संगठनों से पंजाब की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा—
“यह समय राजनीति से ऊपर उठकर मानवता के लिए काम करने का है। सभी को मिलकर एकजुट होकर पंजाब के लोगों की मदद करनी चाहिए।”
लोगों की उम्मीदें
बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि इस मुश्किल समय में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित आश्रय और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए। राहत सामग्री की सप्लाई और नेताओं के दौरे से लोगों में भरोसा बढ़ा है, लेकिन असली चुनौती तब होगी जब पानी उतरने के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू होगी।
