पंजाब में हालिया बाढ़ और भारी बारिश से हुए नुकसान के बीच राज्य सरकार ने बुज़ुर्गों की सुरक्षा और भलाई के लिए विशेष पहल की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग ने जानकारी दी है कि अब तक 479 बुज़ुर्गों की पहचान बाढ़ प्रभावित इलाकों से की गई है। उनकी मदद जिला प्रशासन और रेड क्रॉस सोसाइटी की सहायता से की जा रही है।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य के वृद्ध आश्रमों में करीब 700 बुज़ुर्गों को ठहराने की क्षमता है। ऐसे में ज़रूरतमंद बुज़ुर्ग अस्थायी रूप से इन आश्रमों में शरण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि बुज़ुर्गों की देखभाल के लिए आश्रमों में भोजन, स्वास्थ्य जांच, रहने-सहने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उन्हें घर जैसा माहौल मिल सके।
कोई बुज़ुर्ग अकेला महसूस न करे
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बुज़ुर्ग अकेलापन या परेशानी महसूस न करे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हर कदम पर बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी है और ज़रूरतमंदों तक पूरी मदद पहुंचाई जा रही है।
ज़िलावार आंकड़े किए जारी
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अमृतसर के 15 गांवों से 200 बुज़ुर्गों की पहचान की गई है। गुरदासपुर के 12 गांवों से 112 बुज़ुर्ग, फिरोज़पुर के 4 गांवों से 40 बुज़ुर्ग, होशियारपुर के 3 गांवों से 14 बुज़ुर्ग, कपूरथला के 7 गांवों से 34 बुज़ुर्ग, तरनतारन के 3 गांवों से 50 बुज़ुर्ग, बठिंडा के 2 गांवों से 9 बुज़ुर्ग और फाज़िल्का के 3 गांवों से 20 बुज़ुर्गों को चिह्नित किया गया है।
परिवार समेत रह सकते हैं बुज़ुर्ग
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी बुज़ुर्ग को किसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है तो वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ अस्थायी तौर पर वृद्ध आश्रमों में रह सकते हैं। यहां उनकी देखभाल पूरी तरह से की जाएगी और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का प्रयास
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार वचनबद्ध है कि किसी भी बाढ़ प्रभावित बुज़ुर्ग को कठिनाई में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने समाज के अन्य वर्गों और संगठनों से भी अपील की कि वे आगे आकर बुज़ुर्गों की मदद करें।
