पंजाब इस समय बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है। कई जिलों में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ लोगों की जानें लीं, बल्कि किसानों की खड़ी फसलें भी तबाह कर दीं। अब पानी उतरने के बाद किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है—खेतों में जमा रेत। इसी समस्या को देखते हुए पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू की है।
माइनिंग पॉलिसी में होगा बदलाव
आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद के लिए माइनिंग पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा। इस बदलाव के तहत किसानों को अपने खेतों में जमा रेत को बेचने की अनुमति दी जाएगी। इससे किसानों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि वे दोबारा खेती करने लायक अपनी जमीन भी तैयार कर पाएंगे।
सोशल मीडिया पर सरकार का ऐलान
AAP की ओर से जारी पोस्ट में साफ कहा गया कि “मान सरकार किसानों की मुश्किलें समझती है और उनकी हर संभव मदद के लिए कदम उठाएगी। खेतों में जमा रेत बेचने की छूट देने के लिए माइनिंग नीति में जल्द बदलाव किया जाएगा।” यह ऐलान किसानों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है, क्योंकि बाढ़ के बाद खेतों से रेत हटाना सबसे बड़ी समस्या है।
कैबिनेट बैठक टली, सीएम अस्पताल में भर्ती
बता दें कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि इसमें किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया जाएगा। लेकिन बैठक से पहले ही सीएम मान की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और एक-दो दिनों में उन्हें छुट्टी मिल सकती है।
किसानों को राहत की उम्मीद
बाढ़ के कारण पंजाब में हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है और कई परिवारों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा है। ऐसे में सरकार का यह फैसला किसानों के लिए किसी राहत से कम नहीं होगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि माइनिंग पॉलिसी में बदलाव का आधिकारिक ऐलान कब किया जाता है और किसानों को इसका फायदा किस तरह से मिलेगा।
