पंजाब इस समय भयानक बाढ़ की मार झेल रहा है। इंसानों के साथ-साथ पशुधन और पोल्ट्री उद्योग को भी भारी नुकसान हुआ है। इस संकट की घड़ी में पंजाब का पशुपालन, डेयरी विकास और मछली पालन विभाग पूरी ताक़त से राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
481 टीमें कर रही हैं पशुओं का इलाज
पशुपालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि विभाग की 481 टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं। हर टीम में 4 सदस्य शामिल हैं जिनमें वेटरिनरी अफसर, फार्मासिस्ट/वेटरिनरी इंस्पेक्टर और एक सहायक कर्मचारी मौजूद है। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य बाढ़ में प्रभावित पशुओं की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बाढ़ से हजारों पशुओं और पोल्ट्री की मौत
मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 14 जिलों – पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोज़पुर, फाजिल्का, कपूरथला, बरनाला, बठिंडा, होशियारपुर, तरनतारन, पटियाला, जालंधर, रूपनगर और मोगा – में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इनमें 504 गाय-भैंस, 73 बकरियां और भेड़ें तथा 160 सुअर मारे गए हैं। इसके अलावा गुदासपुर, रूपनगर और फाजिल्का में पोल्ट्री शैड गिरने से 18,304 मुर्गियों की मौत हो गई।
कुल मिलाकर लगभग 2.52 लाख पशुधन और 5.88 लाख पोल्ट्री बर्ड इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
अब तक 22,534 पशुओं का इलाज
राहत कार्यों पर जानकारी देते हुए स. खुड्डियां ने बताया कि अब तक 22,534 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। प्रभावित इलाकों में दवाइयों और उपचार की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं राज्य स्तर और जिला स्तर पर 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इनमें से प्रमुख हेल्पलाइन नंबर 0172-5086064 है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी पशु संबंधी समस्या को इन कंट्रोल रूम्स पर तुरंत सूचित करें।
राहत सामग्री का बड़े पैमाने पर वितरण
पशुपालन विभाग ने जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों के सहयोग से अब तक प्रभावित क्षेत्रों में 12,170 क्विंटल से अधिक पशु आहार वितरित किया है। इसके अलावा 5090.35 क्विंटल हरा चारा, सूखा चारा और साइलिज भी उपलब्ध करवाया गया है। पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें यूरोमिन लिक्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन के लिए जारी हुए 31.50 लाख रुपये
विभाग के प्रमुख सचिव श्री राहुल भंडारी ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित पशुओं के इलाज और राहत कार्यों के लिए पहले ही 31.50 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कंट्रोल रूम पर आने वाली हर कॉल पर तुरंत कार्रवाई की जाए और प्रभावित पशुओं को समय पर मेडिकल सुविधा मिल सके। साथ ही जिला प्रशासन और समाजसेवी संगठनों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने के आदेश भी दिए गए हैं।
सरकार की अपील – मिलकर दें सहयोग
मंत्री ने जनता और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि इस मुश्किल समय में सरकार के राहत कार्यों में सहयोग दें ताकि अधिक से अधिक पशुओं की जान बचाई जा सके और किसानों को नुकसान से उबारा जा सके।
