शिरोमणी अकाली दल (SAD) ने सोमवार शाम ऐलान किया कि पार्टी मंगलवार (9 सितंबर) को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी का कहना है कि पंजाब इस समय अभूतपूर्व बाढ़ संकट से जूझ रहा है और ऐसी स्थिति में चुनावी प्रक्रिया में शामिल होना सही नहीं होगा।
हरसिमरत कौर अकेली सांसद
अकाली दल की ओर से इस समय लोकसभा में केवल एक सांसद मौजूद हैं – हरसिमरत कौर बादल, जो बठिंडा से चुनी गई हैं। हरसिमरत कौर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हैं। पार्टी ने कहा कि उनका यह कदम पंजाबियों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
“पंजाब डूबा, सरकारें मौन”
पार्टी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। हजारों घर और फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। SAD का आरोप है कि यह आपदा केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की लापरवाही और अक्षमता का नतीजा है।
पार्टी ने केंद्र पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “ना राज्य सरकार और ना ही केंद्र सरकार ने अब तक पंजाबियों की कोई मदद की है।”
सिख युवाओं की सराहना
अकाली दल ने कहा कि इस संकट में पंजाब के ग्रामीण युवा सबसे आगे आकर राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। पार्टी ने लिखा – “गुरु साहिबान की कृपा से सिख नौजवान धार्मिक समर्पण के साथ बाढ़ पीड़ितों की सेवा कर रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल उनके इस जज्बे और त्याग के सामने सिर झुकाता है।”
चुनाव बहिष्कार का ऐलान
SAD ने कहा कि जब पंजाब बाढ़ से जूझ रहा है, उस समय देश में उपराष्ट्रपति चुनाव हो रहा है। लेकिन पंजाब के लोग केंद्र, राज्य और कांग्रेस से नाराज़ हैं, क्योंकि किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली।
इसी कारण शिरोमणि अकाली दल ने फैसला लिया है कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करेगा और पंजाब के लोगों की आवाज़ बुलंद करेगा।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि वह इस समय पूरी तरह से अपने लोगों की मदद में लगी हुई है। अकाली दल का मानना है कि पंजाबियों को इस कठिन समय में राजनीतिक दिखावे से ज़्यादा राहत और समर्थन की ज़रूरत है।
