मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में बिहार सरकार ने कई अहम फैसले लिए। इस दौरान कुल 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा फैसला आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़ा रहा।
सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब आंगनबाड़ी सेविकाओं को 9000 रुपये और सहायिकाओं को 4500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। पहले सेविकाओं को 7000 और सहायिकाओं को 4000 रुपये मिलते थे। इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल करीब 345 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त व्यय आएगा। नया मानदेय 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा।
पटना में जीविका मुख्यालय भवन बनेगा
कैबिनेट ने पटना में जीविका मुख्यालय भवन बनाने को मंजूरी दी है। इसके लिए लगभग 73 करोड़ 66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस भवन से जीविका कार्यक्रमों के संचालन और निगरानी में और मजबूती आएगी।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना को मिली हरी झंडी
बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत राज्य के 8053 ग्राम पंचायतों में विवाह मंडप बनाने की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक शादियों और सामाजिक आयोजनों को बढ़ावा मिलेगा।
राजस्व विभाग में नए पद सृजित
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कामकाज को तेज़ करने के लिए 3303 नए राजस्व कर्मचारी पद सृजित किए गए हैं। इसके लिए सरकार पर हर साल लगभग 121 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। इस फैसले से भूमि विवाद और राजस्व संबंधी कार्यों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
ग्रामीण इलाकों में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना
बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1 अरब रुपये की मंजूरी दी गई। इस योजना से गांवों और प्रखंड स्तर पर सड़कों पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था होगी और लोगों को सुविधा मिलेगी।
सरकारी कर्मचारियों का यात्रा भत्ता बढ़ेगा
सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के यात्रा भत्ते (TA/DA) में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया। अब यात्रा दर और अनुमन्यता को संशोधित किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
छह शहरों में गैस आधारित शवदाह गृह
कैबिनेट ने राज्य के छह शहरों – पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय – में एलपीजी गैस आधारित शवदाह गृह स्थापित करने का फैसला लिया है। इन शवदाह गृहों का संचालन इशा फाउंडेशन, कोयंबटूर करेगी। इसके लिए सरकार एक रुपए की टोकन राशि पर भूमि 33 साल की लीज पर उपलब्ध कराएगी।
कई स्तरों पर राहत और विकास की पहल
इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि सरकार ने सामाजिक कल्याण से लेकर बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक मजबूती तक कई अहम मोर्चों पर कदम उठाए हैं। खासकर आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि ने लाखों परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाने की उम्मीद जगाई है।
