एशिया कप 2025 में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत जीत से की। पहले ही मैच में टीम इंडिया ने यूएई को 9 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में दमदार एंट्री की। हालांकि जीत के बाद भी टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए, खासकर जसप्रीत बुमराह को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने को लेकर।
अजय जडेजा का तंज
पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने मैच से पहले ही इस फैसले पर आपत्ति जताई। सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत में उन्होंने कहा, “आमतौर पर आप बुमराह जैसे स्टार गेंदबाजों को आराम देते हैं, लेकिन यहां यूएई जैसी टीम के खिलाफ भी उन्हें उतार दिया गया। या तो आप उन्हें कभी मत बचाइए या फिर ऐसे मैचों में आराम दीजिए। तर्क तो यही कहता है, लेकिन हमें तर्क से काम करना आता ही नहीं।”
उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा, “अगर बुमराह ऐसे मैचों में भी खेलेंगे तो मैं हड़ताल पर चला जाऊंगा। भारतीय टीम वर्ल्ड कप विजेता है, किसी टीम को हल्का नहीं लेना चाहिए, लेकिन खिलाड़ियों का सही इस्तेमाल भी जरूरी है।”
इरफान पठान ने भी जताई सहमति
जडेजा की राय को पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी समर्थन दिया। उनके मुताबिक, बुमराह पहले ही कई चोटों से जूझ चुके हैं और उनकी फिटनेस टीम इंडिया के लिए सबसे अहम मुद्दा है। ऐसे में उनके वर्कलोड को संभालना कोच और मैनेजमेंट की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
मैच का हाल
यूएई के खिलाफ मुकाबले में भारत को बुमराह की गेंदबाजी की खास जरूरत नहीं पड़ी। स्पिनर कुलदीप यादव और ऑलराउंडर शिवम दुबे ने मिलकर 7 विकेट झटके और विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर 9 विकेट से जीत दर्ज की। बुमराह ने इस मैच में कोई विकेट नहीं लिया।
क्यों हो रहा है विवाद?
जसप्रीत बुमराह का चोटिल इतिहास इस बहस की सबसे बड़ी वजह है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ था, जिसकी वजह से वह चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए थे। अब सवाल ये है कि एशिया कप जैसे लंबे टूर्नामेंट में उन्हें लगातार खिलाना सही है या नहीं।
पाकिस्तान मैच से पहले बढ़ी टेंशन
टीम इंडिया का अगला मुकाबला 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है। यह मैच टूर्नामेंट का सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में बुमराह की फिटनेस को लेकर फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा और तेज हो गई है।
