एशिया कप 2025 में रविवार को भारत और पाकिस्तान की टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। खास बात यह है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह पहला मौका होगा जब दोनों पड़ोसी देश आमने-सामने खेलेंगे। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 भारतीय नागरिकों की जान गई थी, जिसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ देशभर में गुस्सा देखा गया।
हरभजन सिंह का कड़ा रुख
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब तक भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में सुधार नहीं होता, तब तक न क्रिकेट होना चाहिए और न ही व्यापार। भज्जी ने दो टूक कहा, “खेल से पहले दोनों देशों के रिश्ते सुधरना जरूरी है। क्रिकेट तभी खेला जाए जब हालात सामान्य हों।”
ऑपरेशन सिंदूर और वर्ल्ड चैंपियनशिप का जिक्र
हरभजन सिंह ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह साफ हो गया कि हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, “हर किसी की अपनी सोच है, लेकिन मेरी राय यही है कि जब तक रिश्ते बेहतर नहीं होते तब तक क्रिकेट या व्यापार नहीं होना चाहिए।”
सरकार का फैसला होगा अहम
भज्जी ने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला सरकार का होगा। अगर सरकार कहेगी कि मैच होना चाहिए तो खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। लेकिन उन्होंने दोहराया कि क्रिकेट से पहले दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने पर जोर दिया जाना चाहिए।
टिकटों की बिक्री में नहीं दिखा पुराना क्रेज
भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा से क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय रहते हैं। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। आमतौर पर इन दोनों टीमों के बीच होने वाले मैच के टिकट कुछ ही घंटों में बिक जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। अब भी ज्यादातर स्टैंड्स के टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यह दर्शाता है कि मैच को लेकर लोगों का जोश पहले जैसा नहीं है।
नतीजे से ज्यादा रिश्तों पर टिकी नजरें
एशिया कप 2025 का यह मैच चाहे जो भी नतीजा दे, लेकिन उससे ज्यादा चर्चा इस बात पर है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की कड़वाहट क्रिकेट पर हावी हो रही है। भज्जी के बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाए या दोनों को एक-दूसरे से जोड़कर ही देखा जाए।
