पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया आज संगरूर जिले के मकरोड़ साहिब पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घग्गर नदी के हालात का जायजा लिया और प्रभावित इलाकों का दौरा किया। दौरे के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस मामले का हल अदालतों के बजाय आपसी बातचीत से निकालने की कोशिश करेंगे।
पंजाब-हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को बिठाने का प्रस्ताव
कटारिया ने कहा कि घग्गर नदी का मसला लंबे समय से अदालतों में लंबित है और फैसलों में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को साथ बिठाकर समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे। उनका मानना है कि जब दोनों राज्यों के प्रमुख आपस में मिलकर बात करेंगे तो व्यावहारिक और स्थायी हल निकल सकता है।
केंद्र से मिली 1600 करोड़ की शुरुआती मदद
राज्यपाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने पंजाब को हाल ही में आई बाढ़ से निपटने के लिए 1600 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि जारी की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में केंद्र से और भी आर्थिक सहायता मिलेगी। कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब की गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी है और वे लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।
सात जिलों में बाढ़ से भारी नुकसान
कटारिया ने कहा कि पंजाब के सात जिलों में बाढ़ के पानी ने भारी तबाही मचाई है। फसलें, मकान और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि संगरूर जिले में घग्गर नदी का पानी सीधे तौर पर ज्यादा नहीं फैला, लेकिन भारी बारिश के पानी ने लोगों के घरों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
नुकसान का आंकलन कर रहा प्रशासन
राज्यपाल ने कहा कि संगरूर प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहा है और नुकसान का आंकलन कर रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही पीड़ितों को मुआवजा और राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का मकसद हर प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाना है ताकि कोई भी व्यक्ति संकट में अकेला न रहे।
