जालंधर केंद्रीय हलके के विधायक रमन अरोड़ा को जबरन पैसे वसूली मामले में थाना रामा मंडी पुलिस ने आज अदालत में पेश किया। तीन दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट श्रीजन शुक्ला की अदालत में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पेश किया गया।
अदालत का बड़ा फैसला
अदालत ने बचाव पक्ष के वकीलों – दरशन सिंह दियाल, नवीन चड्ढा और मुख्तियार मोहम्मद – की दलीलों को सुनने के बाद विधायक रमन अरोड़ा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश सुनाया। अब उन्हें 27 सितंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
बचाव पक्ष का पक्ष
विधायक के वकील दरशन सिंह दियाल ने बताया कि पुलिस ने रमन अरोड़ा को 9 दिन रिमांड पर रखा था। लेकिन अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने कोई नया रिमांड नहीं मांगा और न ही उनके पास से कुछ बरामद हुआ। इससे साफ है कि जांच एजेंसी के पास अब तक ठोस सबूत नहीं हैं।
शिकायतकर्ता पर भी कार्रवाई
वकील ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले की शुरुआत रमेेश चंद्र नामक व्यक्ति की शिकायत से हुई थी, जिसने 23 अगस्त को विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। लेकिन इसके बाद खुद रमेेश को होशियारपुर गैस टैंकर धमाके और गैस चोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया, और वह अभी भी जेल में है।
पहले भी जांच में नहीं मिला कुछ
एडवोकेट दरशन सिंह ने कहा कि विजिलेंस जांच में भी विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया था। अब इस मामले में भी पुलिस को उनसे कुछ बरामद नहीं हो सका है।
जमानत याचिका दायर होगी
विधायक पक्ष के अनुसार, अब इस मामले में सोमवार को जमानत याचिका दायर की जाएगी। बचाव पक्ष को उम्मीद है कि अदालत इस मामले में राहत देगी क्योंकि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।
