पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ इंसानी जिंदगी को प्रभावित किया बल्कि किसानों के लिए पशुधन को भी खतरे में डाल दिया। ऐसे समय में पंजाब सरकार ने तेज़ और बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए पशुओं को बचाने के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया। पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने जानकारी दी कि केवल एक सप्ताह के भीतर 1.75 लाख से ज्यादा पशुओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया है। इस अभियान का मकसद गलघोटू जैसी गंभीर बीमारियों से पशुओं को सुरक्षित करना है।
बाढ़ के बाद राहत योजना का अहम हिस्सा
मंत्री ने बताया कि यह अभियान 14 सितंबर को शुरू किया गया और अब तक राज्य के 713 बाढ़ प्रभावित गांवों को कवर किया गया है। यह योजना बाढ़ के बाद सरकार की पुनर्वास रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसानों के लिए पशुधन उनकी आजीविका की रीढ़ है, इसलिए सरकार ने तय किया कि सबसे पहले पशुओं को बीमारियों से बचाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
किन जिलों को मिला फायदा
इस अभियान के तहत अमृतसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, मोगा, पठानकोट, रूपनगर और तरनतारन जिलों को शामिल किया गया। इन जिलों के हजारों किसानों के पशुओं को सुरक्षित करने से उनकी आर्थिक स्थिति को भी स्थिरता मिलेगी।
विशेष कैंप और उपचार
पशुपालन मंत्री ने बताया कि सरकार ने 713 गांवों में 1,300 से अधिक विशेष कैंप लगाए। इन कैंपों में 2.52 लाख से ज्यादा पशुओं का इलाज किया गया। इससे किसानों को काफी राहत मिली और कई परिवारों ने माना कि सरकार के त्वरित कदमों ने उन्हें बड़े नुकसान से बचा लिया।
पोषण और रोकथाम पर भी जोर
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए अन्य कदम भी उठाए गए हैं।
- 428 गांवों में यूरोमिन लिक्स बांटे गए।
- 388 गांवों में मिनरल मिक्सचर वितरित किया गया।
- इसके अलावा, पोटैशियम परमैंगनेट क्रिस्टल भी प्रभावित गांवों में दिए गए ताकि पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके।
घर-घर पहुंची टीम
यह पूरा अभियान सैकड़ों पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ और स्वयंसेवकों के सहयोग से सफल हुआ। टीमों ने घर-घर जाकर पशुओं का इलाज किया और जरूरतमंद किसानों को दवाइयाँ व परामर्श दिया।
किसानों को मिला भरोसा
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार किसानों और पशुपालकों के साथ खड़ी है। यह अभियान न सिर्फ पशुओं के लिए सुरक्षा कवच है, बल्कि यह बाढ़ से जूझ रहे हजारों परिवारों के आर्थिक भविष्य को भी मजबूती देता है।
पंजाब सरकार की यह पहल दिखाती है कि आपदा के समय सही दिशा में की गई त्वरित कार्रवाई से बड़े नुकसान को कम किया जा सकता है। किसानों और पशुपालकों को इससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सरकार और भी राहतकारी कदम उठाएगी।
इस तरह पंजाब का यह टीकाकरण अभियान न सिर्फ एक स्वास्थ्य योजना है, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को बचाने का बड़ा प्रयास भी है।
