पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में बाढ़ के मुद्दे पर चर्चा शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि इस विषय पर राजनीति न करते हुए पंजाबियत को सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि मिलकर पीड़ितों की मदद करने का है।
“हमें हमारा हक़ मिलना चाहिए”
संधवां ने केंद्र सरकार से भी अपील की कि पंजाब को उसका हक़ दिया जाए। उन्होंने कहा, “पंजाब हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है। हम किसी से भीख नहीं मांगते, लेकिन जो हमारा हक़ है, वह हमें मिलना चाहिए। यह सिर्फ़ हमारा अधिकार ही नहीं, बल्कि केंद्र का कर्तव्य भी है।”
बाढ़ से हुआ अभूतपूर्व नुकसान
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब ने इस बार एक ऐतिहासिक त्रासदी का सामना किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में इतना भयानक मंजर पहले कभी नहीं देखा। रातों को नींद नहीं आती थी जब बर्बादी की तस्वीरें सामने आती थीं।
संधवां ने बताया कि इस आपदा ने केवल किसानों की फसलों को ही नहीं, बल्कि ज़मीनों, मज़दूरों और व्यापार को भी भारी नुकसान पहुंचाया। कई इलाकों में बीमारियां फैलने लगीं और आम जनजीवन ठप हो गया।
ग्लोबल वार्मिंग और ख़राब प्रबंधन जिम्मेदार
उन्होंने इस आपदा के पीछे ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को बड़ा कारण बताया। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि खराब प्रबंधन और नदियों में बढ़ी सिल्ट भी बाढ़ की स्थिति को और बिगाड़ने का कारण बनी।
संधवां ने मांग की कि भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) पर पंजाब का नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बाढ़ का सबसे ज़्यादा नुकसान पंजाब को ही झेलना पड़ता है, तो प्रबंधन पर भी पंजाब की भागीदारी और पकड़ होनी चाहिए।
पंजाबियों का एकजुट चेहरा
संधवां ने कहा कि सिख मיסלों के दौर से ही पंजाब का इतिहास रहा है कि भले ही हम आपस में लड़ते रहे हों, लेकिन जब कोई बाहरी ताक़त हमला करती थी तो पूरा पंजाब एकजुट होकर उसका मुकाबला करता था।
उन्होंने कहा, “बाढ़ के समय भी वही चरित्र देखने को मिला। हर धर्म, जाति, संस्था और राजनीतिक दल के नेता पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए। यह पंजाबियत की असली ताक़त है।”
राजनीति से ऊपर उठने की अपील
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से अपील की कि इस विशेष सत्र में बहस और चर्चा के दौरान राजनीति न दिखे, बल्कि पंजाबियत की झलक मिले। उन्होंने कहा कि जनता उम्मीद कर रही है कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि मिलकर राहत और पुनर्वास के ठोस समाधान निकालेंगे।
पंजाब विधानसभा का यह विशेष सत्र बाढ़ पर केंद्रित है, लेकिन अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां की अपील ने साफ़ कर दिया है कि यह बहस सिर्फ़ आंकड़ों और आरोपों की नहीं, बल्कि पंजाबियत, एकता और सहयोग की भावना से भरी होनी चाहिए।
