पंजाब में 8वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने स्कूल प्रमुखों को सूचित किया है कि सत्र 2025-26 के लिए अन्य राज्यों या बोर्डों से पढ़ाई करने वाले छात्र यदि पंजाब बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में दाख़िला लेना चाहते हैं, तो उन्हें ऑनलाइन इंटर-बोर्ड माइग्रेशन प्रक्रिया के तहत निर्धारित तिथियों के अनुसार प्रवेश और पंजीकरण करवाना होगा।
31 अक्टूबर तक सामान्य शुल्क, नवंबर में देरी पर अतिरिक्त राशि
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र 31 अक्टूबर 2025 तक 3100 रुपये शुल्क देकर दाख़िला और रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। वहीं, 1 नवंबर 2025 से 28 नवंबर 2025 तक देरी से प्रवेश लेने वालों को 5100 रुपये शुल्क अदा करना होगा। बोर्ड ने सभी स्कूल प्रमुखों को पहले ही आगाह कर दिया है कि निर्धारित अंतिम तिथि 28 नवंबर 2025 ही रहेगी।
जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी
बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि माइग्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसमें स्कूल प्रमुखों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि किसी छात्र का पंजीकरण या माइग्रेशन किसी भी कारण से समय पर पूरा नहीं हो पाता, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रशासन की होगी। इस संबंध में अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश उपलब्ध
पंजाब बोर्ड ने इंटर-बोर्ड माइग्रेशन से संबंधित दिशा-निर्देश, विधि और शेड्यूल स्कूलों की लॉग-इन आईडी और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए हैं। सभी स्कूल प्रमुखों से अपेक्षा की गई है कि वे छात्रों को समय पर जानकारी देकर प्रक्रिया पूरी करवाएँ।
बाढ़ और भारी बारिश को देखते हुए बढ़ाई गई रजिस्ट्रेशन की तारीख
बोर्ड ने यह भी बताया कि पंजाब राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से बने हालात को ध्यान में रखते हुए, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 8वीं से 12वीं तक के छात्रों के ऑनलाइन पंजीकरण और कंटिन्यूएशन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दिया गया है। बोर्ड ने साफ किया है कि इस तारीख के बाद किसी भी प्रकार की अपील या अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों को अपील
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते प्रवेश और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। स्कूल प्रमुखों को भी कहा गया है कि वे इस काम को प्राथमिकता दें, ताकि किसी छात्र का भविष्य अधर में न फँसे।
इस निर्णय से हजारों छात्रों को राहत मिलेगी, जो अन्य राज्यों या बोर्डों से पंजाब बोर्ड में स्थानांतरित होना चाहते हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
