पंजाब विधानसभा का माहौल सोमवार को उस समय गर्मा गया जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा बाढ़ राहत के लिए घोषित किए गए 1600 करोड़ रुपये के पैकेज में से अब तक एक भी रुपया जारी नहीं किया गया है।
नारेबाजी से गूंजा सदन
चीमा के बयान के तुरंत बाद सत्ता पक्ष के सभी सदस्य एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। “मोदी जी जुमले बंद करो” और “जुमलेबाजी नहीं चलेगी” जैसे नारे सदन में गूंज उठे। सदस्यों ने हाथों में तख्तियां भी थाम रखी थीं, जिन पर लिखा था – “मोदी जी का 1600 करोड़ का जुमला।”
कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित
लगातार हंगामे और नारों के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। लेकिन जब शोरगुल कम नहीं हुआ, तो मजबूर होकर सदन की कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।
वित्त मंत्री का आरोप
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब को बाढ़ के दौरान बड़ी तबाही का सामना करना पड़ा है। किसानों की फसलें नष्ट हो गईं, हजारों घर प्रभावित हुए और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 1600 करोड़ रुपये की मदद का वादा किया था, लेकिन अब तक एक भी पैसा पंजाब तक नहीं पहुँचा।
केंद्र सरकार पर सवाल
चीमा ने कहा कि पंजाब हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है, लेकिन जब संकट की घड़ी आती है, तो केंद्र सरकार वादों से पीछे हट जाती है। उन्होंने मांग की कि केंद्र तत्काल घोषित राशि जारी करे, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
हालाँकि विपक्षी दलों ने इस पूरे मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी, लेकिन सत्ता पक्ष के सदस्यों का कहना था कि यह सिर्फ़ “वादाख़िलाफ़ी और जुमलेबाज़ी” है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम से विधानसभा का माहौल बेहद गरमाया रहा और बाढ़ राहत पैकेज पर राजनीति तेज हो गई।
