पंजाब विधानसभा में सोमवार को बाढ़ पर चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालिया बाढ़ ने न सिर्फ़ फसलों और किसानों को भारी नुकसान पहुँचाया है, बल्कि कई लोगों की जानें भी गई हैं, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
“लोगों के बीच जाकर बांटा उनका दुख”
भुल्लर ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में आम आदमी पार्टी के विधायक और मंत्री दिन-रात जनता के बीच मौजूद रहे और सेवा में जुटे। उन्होंने दावा किया कि जब सरकार और नेताओं ने पीड़ितों के साथ उनका दुख बांटा, तो लोगों में हौसला बढ़ा। वहीं, उन्होंने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर आरोप लगाया कि वे हर काम का विरोध करते हैं, जो सही नहीं है।
ढहे घर और तबाह गांव
मंत्री भुल्लर ने विधानसभा में बताया कि कई गांवों में लोगों के घर ढह गए हैं और कुछ मकान अभी भी ढहने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में पंजाब सरकार लगातार मदद करने की कोशिश कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार की भूमिका बेहद अहम है।
“1600 करोड़ से काम नहीं चलेगा”
भुल्लर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज को नाकाफी करार दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब को खड़ा करने के लिए कम से कम 20 हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज चाहिए। उन्होंने विधानसभा में साफ कहा – “इतने बड़े नुकसान की भरपाई इतने छोटे पैकेज से नहीं हो सकती। पंजाब को केंद्र से बड़े पैमाने पर मदद की ज़रूरत है।”
“अफगानिस्तान से भी नीचे समझा जा रहा पंजाब”
भुल्लर ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे केंद्र, पंजाब को अफगानिस्तान से भी नीचे समझता है। उन्होंने कहा कि केंद्र को खुले दिल से पंजाब की मदद करनी चाहिए।
“पंजाब के हक़ की लड़ाई साथ मिलकर लड़ी जाए”
मंत्री ने सभी दलों से अपील की कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर पंजाब के हक़ के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ी जाए। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जिसने-जिसने पंजाब के साथ अन्याय किया है, उसे अंत में पीछे हटना पड़ा है।
