सितंबर का महीना अब खत्म होने वाला है और नए महीने की शुरुआत कई अहम बदलावों के साथ होगी। 1 अक्टूबर, 2025 से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), रेलवे टिकट बुकिंग, ऑनलाइन गेमिंग, गैस सिलेंडर की कीमतों और यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन से जुड़े बड़े नियम लागू होने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इन बदलावों का आपके जीवन पर क्या असर पड़ेगा।
एनपीएस (NPS) में बड़ा बदलाव
1 अक्टूबर से एनपीएस में गैर-सरकारी क्षेत्र के सब्सक्राइबर्स को इक्विटी में 100% तक निवेश की अनुमति होगी। पहले यह सीमा 75% थी। यानी अब प्राइवेट सेक्टर के निवेशक अपनी पूरी पेंशन राशि शेयर मार्केट से जुड़ी स्कीम में लगा सकेंगे।
इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर में भी पीआरएएन (PRAN) नंबर खोलने पर शुल्क लगेगा। ई-पीआरएएन किट के लिए 18 रुपये और फिजिकल कार्ड के लिए 40 रुपये देने होंगे। अकाउंट का वार्षिक मेंटेनेंस चार्ज 100 रुपये तय किया गया है। वहीं, अटल पेंशन योजना और एनपीएस लाइट सब्सक्राइबर्स से केवल 15 रुपये लिए जाएंगे।
रेलवे टिकट बुकिंग के नए नियम
अब रिजर्वेशन खुलने के शुरुआती 15 मिनट में केवल आधार वेरिफाइड यूजर्स ही टिकट बुक कर पाएंगे। अधिकृत रेलवे एजेंट्स को पहले 10 मिनट तक टिकट बुकिंग से रोक दिया गया है। इसका उद्देश्य टिकटों की अवैध बुकिंग और दलाली पर अंकुश लगाना है। हालांकि, पीआरएस काउंटर से टिकट खरीदने वालों के लिए कोई बदलाव नहीं होगा।
ऑनलाइन गेमिंग पर सख्ती
सरकार ने Online Gaming Bill 2025 को मंजूरी दी है, जो 1 अक्टूबर से लागू होगा। इस कानून का मकसद रियल मनी गेमिंग की लत और आर्थिक नुकसान को रोकना है। नए नियमों के तहत उल्लंघन करने वालों को तीन साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, गेमिंग कंपनियों के प्रमोटरों पर दो साल की सजा और 50 लाख रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है।
रसोई गैस और ईंधन के दाम
1 अक्टूबर से घरेलू गैस सिलेंडर और अन्य ईंधन की कीमतों में बदलाव हो सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की शुरुआत में कीमतों की समीक्षा करती हैं। इससे रसोई के बजट पर सीधा असर पड़ सकता है। पिछले बदलाव 8 अप्रैल, 2025 को किए गए थे। एलपीजी के अलावा एटीएफ, सीएनजी और पीएनजी के दाम भी बदले जा सकते हैं।
यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन में बदलाव
एनपीसीआई (NPCI) ने यूपीआई से जुड़े नियमों में भी बड़ा अपडेट किया है। 1 अक्टूबर से पीयर-टू-पीयर (P2P) ट्रांजेक्शन फीचर हटा दिया जाएगा। यानी फोनपे, गूगल पे और पेटीएम जैसे ऐप्स पर यह सुविधा अब उपलब्ध नहीं होगी। यह कदम सुरक्षा को मजबूत करने और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया गया है।
1 अक्टूबर से होने वाले ये बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और सुविधाओं से जुड़े हैं। चाहे पेंशन निवेश हो, ट्रेन की टिकट बुकिंग, ऑनलाइन गेमिंग, रसोई गैस या डिजिटल पेमेंट—हर क्षेत्र में नए नियम लागू होंगे। इसलिए इन बदलावों की जानकारी समय रहते होना बेहद जरूरी है।
