तमिलनाडु के करूर में शनिवार 27 सितंबर 2025 को अभिनेता विजय की रैली के दौरान बड़ा हादसा हो गया। भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और हालात देखते ही देखते बेकाबू हो गए।
बेकाबू हुई भीड़
मौके पर मौजूद नंद कुमार नामक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह से ही हजारों लोग विजय को देखने के लिए पहुंचे थे। “विजय ने कहा था कि वे सुबह 11 बजे तक पहुंचेंगे, लेकिन वह कई घंटे बाद आए। उस समय तक भीड़ काबू से बाहर हो चुकी थी। हालात ऐसे थे कि कुछ भी नियंत्रित नहीं किया जा सका,” उन्होंने कहा। नंद कुमार ने बताया कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं और ऐसी घटनाएं फिर दोबारा न हों।
आयोजन पर उठे सवाल
चश्मदीदों का कहना है कि इस आयोजन की योजना सही तरीके से नहीं बनाई गई थी। लोग बच्चों के साथ आए थे, कई घंटों तक भूखे-प्यासे इंतजार करते रहे। “लोग स्टार को देखने की उम्मीद में आए थे लेकिन देरी से आने की वजह से भीड़ में धक्का-मुक्की बढ़ गई। सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे। अगर तय संख्या से कई गुना अधिक लोग पहुंच जाएं तो हालात बिगड़ सकते हैं। यह एक गंभीर चूक थी,” नंद कुमार ने कहा। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की।
एंबुलेंस नहीं पहुंच पाईं
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी सूर्या ने बताया कि हादसे के समय एंबुलेंस अंदर नहीं पहुंच सकीं। “लोगों के खड़े होने की भी जगह नहीं थी। बाहर निकालने में काफी देर लगी,” उन्होंने कहा। इस दौरान कई लोग घायल पड़े रहे और समय पर मदद न मिल पाने से स्थिति और खराब हो गई।
देरी से आने से बढ़ी भीड़
पीड़ित परिवार से जुड़े जाकिर नामक व्यक्ति ने बताया कि विजय को सुबह 9 बजे आना था लेकिन वह देर से पहुंचे। “इस वजह से इंतजार कर रही भीड़ और भी ज्यादा बढ़ गई। थिरुकोइलुरे के पास से बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं आई थीं। ऐसे आयोजनों में बच्चों और महिलाओं को लाना बेहद खतरनाक साबित होता है,” उन्होंने कहा।
करूर की इस घटना ने एक बार फिर से बड़े सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों लोगों की भीड़ को संभालने के लिए न तो पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और न ही मौके पर समय रहते मदद पहुंच पाई। यह हादसा तमिलनाडु के लिए गहरी चोट छोड़ गया है। अब देखने वाली बात होगी कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को किस तरह की मदद और न्याय दिलाती है।
