लगातार आठ दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को मजबूती देखने को मिली। आरबीआई की मुद्रा नीति समीक्षा ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। रिज़र्व बैंक ने रैपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखा और भविष्य में कटौती की संभावना जताई। इसके चलते सैंसेक्स 715 अंक बढ़कर 80,983 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 225 अंक ऊपर 24,836 पर पहुंच गया।
प्रमुख सेक्टरों में भारी खरीदारी
बैंकिंग, ऑटो और फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भारी खरीदारी हुई। श्रीराम फाइनेंस, टाटा मोटर्स और सन फार्मा जैसे प्रमुख स्टॉक्स 4% तक बढ़े।
बैंकिंग शेयरों में तेजी का कारण
आरबीआई द्वारा पूंजी बाजार में उधार बढ़ाने और ऋण पर नियामक कैप हटाने जैसे कदमों के बाद बैंकिंग शेयरों में तेजी देखने को मिली। इसका असर बैंक निफ्टी और फिन निफ्टी दोनों पर पड़ा।
वैश्विक संकेतों का सकारात्मक प्रभाव
वैश्विक बाजारों में मजबूती ने भी भारतीय बाजार का पक्ष लिया। एशियाई बाजारों में तेजी और अमेरिका में मंगलवार को हुई रैली ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी महंगाई की चिंताओं को कम किया। ब्रेंट क्रूड 1.4% गिरकर $67.02 प्रति बैरल पर आ गया।
रुपया मजबूत हुआ
डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे मजबूत होकर 88.75 पर बंद हुआ। इससे निवेशकों की भावनाओं में सुधार आया और बाजार में तेजी का समर्थन मिला।
ऑटो सेक्टर में खरीदारी
ऑटो सेक्टर में भी तेजी रही। महिंद्रा एंड महिंद्रा की SUV बिक्री सितंबर में 10% बढ़ी, जबकि बजाज ऑटो की कुल बिक्री 9% बढ़कर 5,10,000 यूनिट्स हुई। त्योहारों की मांग और हाल ही में GST में कटौती का भी ऑटो स्टॉक्स पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
निवेशकों का जोखिम भूख बढ़ी
इंडिया VIX 3.68% गिरकर 10.66 पर आ गया, जिससे बाजार में अस्थिरता कम हुई और निवेशकों की जोखिम लेने की भूख बढ़ी।
दिसंबर में दरों में कटौती संभव
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए कि मौजूदा हालात में दिसंबर तक दरों में कटौती की संभावना है। इस खबर ने बाजार में सकारात्मक गति बनाए रखने में मदद की।
