गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व से पहले एक अहम ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत सरकार ने सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारों में माथा टेकने के लिए यात्रा करने की अनुमति दे दी है। यह अवसर 5 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा। श्रद्धालु अब पवित्र गुरुद्वारों में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जा सकेंगे।
SGPC की मांग पर सरकार की मंजूरी
इस अनुमति का निर्णय शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) द्वारा उठाई गई मांग के जवाब में किया गया है। SGPC ने भारत और पाकिस्तान सीमा पार धार्मिक समागमों में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं को मंजूरी देने की अपील की थी। सरकार ने इस प्रस्ताव पर अपनी हरी झंडी दे दी है।
गृह मंत्रालय ने रखी सख्त शर्तें
गृह मंत्रालय (MHA) ने इस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ सख्त नियम तय किए हैं:
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राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश केवल उन आवेदन स्वीकार करेंगे, जो मान्यता प्राप्त सिख धार्मिक संगठनों द्वारा प्रायोजित और सही तरीके से भरे गए हों।
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सभी आवेदन केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ सलाह-मशविरा कर राज्य पुलिस, CID और खुफिया एजेंसियों द्वारा पूरी तरह जांचे जाएंगे। इन आवेदनों को 22 अक्टूबर 2025 तक गृह मंत्रालय को भेजा जाना आवश्यक है।
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केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी, जिनकी सिफारिश MHA और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा की गई हो और पाकिस्तान द्वारा वीजा जारी किया गया हो।
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यात्रा केवल गृह मंत्रालय द्वारा अनुमोदित जत्थे के हिस्से के रूप में ही होगी। पाकिस्तान वीजा होने के बावजूद श्रद्धालु स्वतंत्र रूप से यात्रा नहीं कर सकेंगे।
सुरक्षा और अनुशासन पर जोर
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त रखा जाएगा। श्रद्धालु केवल अनुमोदित जत्थों के माध्यम से ही पाकिस्तान में गुरुद्वारों में शामिल होंगे।
यह कदम न केवल सिख समुदाय के लिए धार्मिक आस्था की यात्रा को सुनिश्चित करता है, बल्कि दो देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा। श्रद्धालुओं को सावधानी और नियमों का पालन करते हुए यात्रा करनी होगी।
