AI के क्षेत्र में क्रांति लाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) अब दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टार्टअप बन गई है। चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली इस कंपनी का वैल्यूएशन 500 अरब डॉलर (करीब 44 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि हाल ही में पूरी हुई शेयर बिक्री डील के बाद सामने आई है। इस नई वैल्यूएशन के साथ ओपनएआई ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) को पीछे छोड़ दिया है।
स्पेसएक्स को पीछे छोड़ा
एलन मस्क की स्पेसएक्स का वर्तमान वैल्यूएशन लगभग 400 अरब डॉलर आंका जाता है। अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी स्टार्टअप मानी जा रही थी। लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई ने हाल ही में शेयर बिक्री से जुड़ा सौदा पूरा किया, जिससे इसकी वैल्यूएशन 500 अरब डॉलर पहुंच गई और उसने स्पेसएक्स को पीछे छोड़ दिया।
6.6 अरब डॉलर के शेयरों का सौदा
इस सौदे में लगभग 6.6 अरब डॉलर (करीब 58,000 करोड़ रुपये) के शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई। यह सौदा मौजूदा और कुछ पूर्व कर्मचारियों द्वारा अपने हिस्से के शेयर बेचने के बाद पूरा हुआ। जिन निवेशकों ने इसमें भाग लिया, उनमें थ्राइव कैपिटल, सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन, ड्रैगनीयर इन्वेस्टमेंट ग्रुप, अबूधाबी की MGX और टी. रोवे प्राइस जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
AI तकनीक में बढ़ता निवेश
पिछले कुछ वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश तेजी से बढ़ा है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन की अगुवाई में कंपनी एनविडिया (Nvidia) के साथ मिलकर डेटा सेंटर और AI सेवाओं को विकसित करने में सबसे आगे निकल रही है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक ओपनएआई अभी मुनाफे में नहीं पहुंची है, लेकिन इसकी तेज़ी से बढ़ती वैल्यूएशन इसे निवेशकों की पहली पसंद बना रही है।
गैर-लाभकारी से लाभकारी बनने तक का सफर
ओपनएआई की शुरुआत साल 2015 में एक गैर-लाभकारी संस्था (Non-Profit) के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य पूरी मानवता के हित में डिजिटल इंटेलिजेंस का विकास करना था। एलन मस्क भी इसके सह-संस्थापकों में शामिल थे। लेकिन समय के साथ कंपनी ने लाभकारी मॉडल की ओर कदम बढ़ाना शुरू किया।
वर्तमान में कंपनी खुद को फॉर-प्रॉफिट (For-Profit) कंपनी में बदलने की प्रक्रिया में है। इसके लिए ओपनएआई माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के साथ बातचीत कर रही है। योजना के तहत, ओपनएआई एक नई पब्लिक बेनीफिट कॉरपोरेशन बनाएगी, जिस पर पहले से मौजूद गैर-लाभकारी संस्था का नियंत्रण रहेगा।
ओपनएआई की तेज़ रफ्तार सफलता ने न सिर्फ AI उद्योग को नई दिशा दी है, बल्कि स्टार्टअप दुनिया में भी बड़ा बदलाव लाया है। स्पेसएक्स को पीछे छोड़ते हुए यह साबित करता है कि भविष्य की असली दौड़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन में है।
