कई दिनों से लगातार रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार से बढ़ रहीं सोने की कीमतों में आज आखिरकार ब्रेक लग गया है। करवाचौथ से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू बाजार में आज दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव नीचे खुले, जिससे निवेशकों और ज्वैलर्स के बीच हलचल मच गई।
घरेलू बाजार में आई गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के कारोबार में सोना 122,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और चांदी 148,700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रही थी। बीते दिनों में सोना लगातार रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू रहा था और बुधवार को यह 1,26,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन आज कीमतों में मामूली ठंडक देखने को मिली है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी के वायदा सौदे कमजोर रुख के साथ खुले। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 4,061.80 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछली बंद कीमत 4,070.50 डॉलर प्रति औंस रही। खबर लिखे जाने तक सोना $38.30 की गिरावट के साथ 4,032.20 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। इसी सप्ताह सोना $4,081 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंच गया था।
वहीं, चांदी के सौदे $48.45 प्रति औंस पर खुले और थोड़ी देर बाद $0.88 की गिरावट के साथ $48.11 प्रति औंस पर आ गए। हालांकि दिन के कारोबार में चांदी ने एक बार फिर $49.19 प्रति औंस के स्तर को छुआ।
कीमतों में गिरावट की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में जारी फंडिंग संकट और सरकारी विभागों के अस्थायी बंद होने से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके चलते निवेशकों ने सोने में की जा रही भारी खरीदारी को फिलहाल रोक दिया है। इसके साथ ही, डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में हल्की बढ़त ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है।
पिछले तीन दिन में लगातार बढ़ा था सोना
बुधवार तक लगातार तीन दिनों से सोने की कीमतों में तेजी देखी जा रही थी। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 2,600 रुपये की छलांग लगाकर 1,26,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। चांदी भी इस दौरान मजबूत हुई थी और 1.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई थी।
करवाचौथ पर खरीददारी की उम्मीद
हालांकि, करवाचौथ जैसे पर्व से पहले कीमतों में आई गिरावट से ज्वैलर्स और ग्राहकों में थोड़ी राहत है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन और शादी के मौसम की वजह से सोने की मांग फिर बढ़ेगी और आने वाले दिनों में कीमतें एक बार फिर ऊपर जा सकती हैं।
विशेषज्ञों की राय: “यह एक तकनीकी सुधार है, लंबी अवधि में सोने का ट्रेंड अभी भी बुलिश बना हुआ है,” — बाजार विश्लेषक।
