पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी राजवीर ज्वांदा को अंतिम श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ मिलकर गायक को श्रद्धांजलि अर्पित की और सोशल मीडिया पर लिखा कि राजवीर ज्वांदा का योगदान पंजाब और पंजाबी संगीत जगत के लिए अमूल्य है। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में गायक के प्रशंसकों की भीड़ एकत्रित हुई। लोग अपनी भावनाओं और श्रद्धांजलि के साथ उपस्थित थे। उन्होंने ज्वांदा के जीवन और संगीत को याद किया। राजवीर ज्वांदा का जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पंजाबी संगीत उद्योग के लिए भी अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज और गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। मुख्यमंत्री ने भी परिवार को धैर्य रखने की प्रार्थना की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए वंदन किया।

अंतिम यात्रा
राजवीर ज्वांदा का फेज़ 6 सरकारी अस्पताल, मोहालि में पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पोना, लुधियाना ले जाया गया। गायक का अंतिम संस्कार उनके घर से करीब 30 मीटर दूरी पर स्थित सरकारी स्कूल के मैदान में किया गया। इस मैदान में पहले ही एक चिता बनाई गई थी और भविष्य में एक यादगार भी बनाई जाएगी, जो इसी जगह पर उनके पहले स्टेज पर प्रदर्शन की याद दिलाएगी।
मात्र 35 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि ज्वांदा को मल्टी-ऑर्गन फेल्योर का सामना करना पड़ा था। उनके निधन की खबर से परिवार, दोस्त और संगीत प्रेमियों में गहरा शोक फैल गया।
