लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार दोपहर दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के परिवार से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
राहुल गांधी ने करीब आधे घंटे तक आईएएस अधिकारी अमनीत पूरन कुमार (मृतक की पत्नी) और उनकी बेटी अमूल्या से मुलाकात की। परिवार से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि जो हुआ, वह गहराई से सोचने पर मजबूर करता है।
“यह एक परिवार का नहीं, करोड़ों दलितों का मामला” – राहुल गांधी
पूरन कुमार को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा,
“सालों से सिस्टम में भेदभाव हो रहा है। कुछ अधिकारी दूसरे अधिकारियों को कमजोर करने और उनका करियर बर्बाद करने का काम करते हैं। यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, यह देश के करोड़ों दलित भाई-बहनों की सच्चाई है। गलत संदेश जा रहा है कि चाहे आप कितने भी सफल, ताकतवर या बुद्धिमान क्यों न हों, अगर आप दलित हैं तो आपको दबाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से प्रशासनिक तंत्र में दलित समुदाय के प्रति बनी मानसिकता उजागर होती है और इसे बदलने की जरूरत है।
पूरन कुमार ने की थी खुदकुशी, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
बता दें कि आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास के साउंडप्रूफ बेसमेंट में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मौत से एक दिन पहले उन्होंने अपनी पत्नी के नाम वसीयत और आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था।
सुसाइड नोट में उन्होंने हरियाणा डीजीपी सत्रुजीत कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजरनिया सहित 13 वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और करियर बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाए थे।
नोट में उन्होंने लिखा,
“मैं अब और सहन नहीं कर सकता… जिन्होंने मुझे इस हालत में पहुंचाया, मेरी मौत के वही जिम्मेदार हैं।”
परिवार ने की न्याय की मांग, अंतिम संस्कार से किया इनकार
मृतक की पत्नी आईएएस अमनीत पूरन कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत देकर सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की है।
परिवार ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पुलिस ने मांगा पूरन का लैपटॉप, जांच में हो सकता है अहम सबूत
वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने अमनीत पूरन कुमार को नोटिस भेजकर आईपीएस पूरन कुमार का लैपटॉप मांगा है।
पुलिस का कहना है कि लैपटॉप में सुसाइड नोट और ईमेल रिकॉर्ड जैसे अहम सबूत हो सकते हैं, जो जांच को दिशा दे सकते हैं।
लैपटॉप को जल्द ही सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब (CFSL) भेजा जाएगा, जहां यह जांचा जाएगा कि सुसाइड नोट वास्तव में आईपीएस पूरन कुमार ने ही लिखा था या नहीं।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि वे चंडीगढ़ पहुंच गए हैं और दिवंगत अधिकारी के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
