पंजाब में धान की अवैध ढुलाई को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। इसी के तहत फरीदकोट जिले के कोटकपूरा थाने में अवैध धान की ढुलाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मंत्री खुड्डियां ने बताया कि मार्कफेड शाखा प्रबंधक की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) और 61(2) के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत की गई है। इसमें दो चावल मिल मालिकों और राजस्थान के पांच व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान नंबर की चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी जब्त की हैं, जिनमें अवैध रूप से धान भरा हुआ था।
अधिकारियों के साथ अहम बैठक
इस घटना के बाद मंत्री खुड्डियां ने अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसमें पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरस्ट, जिला मंडी अधिकारी (DMO) और मुख्य कृषि अधिकारी (CAO) शामिल हुए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में किसी भी हालत में दूसरे राज्यों का धान पंजाब में न बेचा जाए।
खुढ्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के किसानों के हितों की रक्षा करना है। इसलिए “शून्य-सहनशीलता नीति” अपनाई गई है ताकि कोई भी बाहरी धान पंजाब की मंडियों में न पहुंच सके।
किसानों को मिलेगा सही मूल्य
मंत्री ने मंडियों में धान की खरीद प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि धान शेलर तक भेजने से पहले उसकी नमी की जांच ज़रूर की जाए। इसके लिए PAU-कैलिब्रेटेड नमी मापक यंत्रों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिलेगा और पंजाब के अनाज की गुणवत्ता बनी रहेगी।
पराली प्रबंधन पर जोर
कृषि विभाग के प्रबंधकीय सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने सभी अधिकारियों से कहा कि किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए।
उन्होंने बताया कि किसानों को इन-सीटू (खेत में ही निपटान) और एक्स-सीटू (खेत से बाहर उपयोग) तरीकों से पराली प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मंडियों में बेहतर व्यवस्था
पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव श्री रामवीर ने बताया कि राज्य की सभी मंडियों में किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए हर मंडी में निगरानी की जा रही है।
इसके साथ ही, दूसरे राज्यों से आने वाले धान की अवैध ढुलाई रोकने के लिए विशेष नाके भी स्थापित किए गए हैं।
पंजाब सरकार की यह कार्रवाई राज्य के किसानों के हितों की दिशा में एक मजबूत कदम है।
सरकार का मकसद साफ है — पंजाब के मेहनती किसानों की फसल की सही कीमत सुनिश्चित करना और राज्य के कृषि ढांचे को सुरक्षित रखना।
