बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में 57 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें चार ऐसी सीटें भी हैं, जिन पर चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने दावा किया था।
जेडीयू ने शुरू की चुनावी तैयारियां
जेडीयू की इस पहली लिस्ट के साथ पार्टी ने बिहार में चुनावी रणभेरी बजा दी है। नीतीश कुमार ने इस बार अनुभव और नए चेहरों का संतुलन बनाते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, टिकट वितरण में विकास कार्यों और स्थानीय समीकरणों को प्राथमिकता दी गई है।
इन दिग्गजों को मिला टिकट
लिस्ट में कई पुराने विधायकों के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है।
मुख्य उम्मीदवारों में शामिल हैं —
आलमनगर से नरेंद्र नारायण यादव,
बिहारीगंज से निरंजन कुमार मेहता,
सिंघेश्वर (अ.जा.) से रमेश ऋषिदेव,
मधेपुरा से कविता साहा,
सोनबरसा (अ.जा.) से रत्नेश सादा,
बेनीपुर से विनय कुमार चौधरी,
दरभंगा ग्रामीण से ईश्वर मंडल,
सरायराजन से विजय कुमार चौधरी,
राजगीर (अ.जा.) से कौशल किशोर,
नालंदा से श्रवण कुमार,
और हरिनारायण सिंह को हरनौत सीट से टिकट दिया गया है।
चिराग पासवान की सीटों पर भी दांव
जेडीयू ने उन चार सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे हैं, जिन पर चिराग पासवान ने पहले दावा किया था। इसे राजनीतिक हलकों में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि जेडीयू अपने फैसलों में स्वतंत्र है और गठबंधन की सीमाओं से ऊपर जाकर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
पार्टी का फोकस “सुशासन” पर
पार्टी नेताओं का कहना है कि जेडीयू इस चुनाव में नीतीश कुमार के “सुशासन के मॉडल” को लेकर जनता के बीच जाएगी। आने वाले दिनों में पार्टी दूसरी सूची भी जारी करेगी, जिसमें शेष सीटों के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।
इस पहली लिस्ट के जारी होने के साथ ही बिहार में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। अब सबकी निगाहें भाजपा, राजद और कांग्रेस की ओर हैं कि वे अपने उम्मीदवारों की सूची कब जारी करते हैं।
