हरियाणा में आईपीएस वाई पूरन की आत्महत्या के कुछ दिन बाद ही एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रोहतक जिले के लाढ़ोत गांव के रहने वाले एएसआई संदीप लाठर ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने तीन पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है और खुदकुशी से पहले एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया है, जिसमें आईपीएस पूरन कुमार सिंह सहित कई लोगों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में लगाए बड़े आरोप
संदीप लाठर ने अपने सुसाइड नोट में आईपीएस वाई पूरन कुमार सिंह और कुख्यात गैंगस्टर राव इंद्रजीत का नाम लिया है। उन्होंने लिखा कि राव इंद्रजीत ने 50 करोड़ की डील कर हत्या के एक मामले से अपना नाम निकलवाया था। एएसआई के अनुसार, राव इंद्रजीत फिलहाल अमेरिका में रह रहा है और वहीं से भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिलवाता है।
लाठर ने सुसाइड नोट में वाई पूरन और उनके परिवार को “भ्रष्टाचारी” बताया। उनका कहना था कि पूरन ने गिरफ्तारी के डर से आत्महत्या की और जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को हाईजैक किया। उन्होंने लिखा कि वह अपनी जान देकर इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को सजा मिल सके।
हरियाणा पुलिस पर उठे सवाल
एएसआई संदीप लाठर के आरोपों ने हरियाणा पुलिस विभाग पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सुसाइड नोट में पूरन के पीएसओ सुशील कुमार पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरे मामले के बाद राज्य के पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
परिवार ने किया पोस्टमार्टम से इंकार
एएसआई लाठर का शव फिलहाल उनके मामा के घर लाढ़ोत गांव में रखा गया है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है। बुधवार को परिजन, खाप और ग्रामीणों की एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री से मिली बेटी ने की न्याय की मांग
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद लाढ़ोत गांव पहुंचे और एएसआई लाठर के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान परिजन और ग्रामीण भावुक होकर रो पड़े। लाठर की बेटी ने मुख्यमंत्री से कहा, “मेरे पापा स्ट्रॉन्ग थे, मेरे दादा भी स्ट्रॉन्ग थे। मेरे पापा कभी तनाव में नहीं थे। उन्हें इंसाफ चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने दिलाया न्याय का भरोसा
मुख्यमंत्री सैनी ने परिवार को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा पुलिस के भीतर से लगातार हो रही इन आत्महत्याओं ने राज्य में भ्रष्टाचार, दबाव और सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब सरकार और प्रशासन से इस मामले में ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रही है।
