डीजीपी गौरव यादव द्वारा 42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए ई-चालान सिस्टम को लगभग 10 दिन बाद शहर में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। 11 अक्टूबर से शहर में ई-चालान जारी किए जा रहे हैं और रोजाना लगभग 200 चालान स्वचालित रूप से जारी हो रहे हैं।
चालान की जानकारी तुरंत मिलती है
अब डिफाल्टरों को चालान जारी होने की सूचना उसी दिन उनके मोबाइल फोन पर प्राप्त हो रही है। चालान मुख्य रूप से सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए जारी किए जा रहे हैं, जिसमें लाल बत्ती पार करना और गलत साइड ड्राइविंग जैसी सामान्य यातायात उल्लंघन शामिल हैं।
फिलहाल चार प्रमुख चौराहों पर लागू
एडीसीपी (ऑपरेशन और सुरक्षा) विनीत अहलावत ने बताया कि तकनीकी समस्याओं के कारण फिलहाल केवल चार चौराहों पर चालान जारी किए जा रहे हैं। इनमें पीएपी चौक, बीएसएफ चौक, बीएमसी चौक और गुरु नानक मिशन चौक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाकी नौ स्थानों पर भी जल्द ही ई-चालान लागू कर दिए जाएंगे, जहां कैमरे स्थापित हैं। इस प्रक्रिया में कुछ दिन लग सकते हैं।
दिन और रात की निगरानी का फोकस
एडीसीपी ट्रैफिक गुरबाज सिंह ने बताया कि फिलहाल दिन में होने वाली उल्लंघनों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में रात की निगरानी पर भी जोर दिया जाएगा। उनका कहना है कि जनता का सहयोग बेहद जरूरी है ताकि वे स्वयं और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों को सुरक्षित रखने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
सड़क सुरक्षा में ई-चालान की भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार, ई-चालान सिस्टम सड़क सुरक्षा को बढ़ाने और दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। चालान डिजिटल होने के कारण पारदर्शिता बढ़ती है और नियम तोड़ने वालों को तुरंत दंड मिलता है।
जनता से अपील
पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षा का ध्यान रखें। इसके साथ ही कहा गया है कि ई-चालान प्रणाली का उद्देश्य केवल दंडित करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और लोगों को जागरूक करना भी है।
