राज्यसभा उपचुनाव में कथित धोखाधड़ी के आरोपों के चलते नवनीत चतुर्वेदी की हिरासत ने पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के बीच विवाद को जन्म दिया है। नवनीत फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस की हिरासत में हैं, जबकि पंजाब पुलिस सैक्टर 3 पुलिस स्टेशन के बाहर डेरा डाले हुए है।
पंजाब पुलिस ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
पंजाब पुलिस ने नवनीत की हिरासत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस का दावा है कि रोपड़ में विधायकों के हस्ताक्षरों में जालसाजी करने के आरोप में नवनीत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बीच, नवनीत ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें मांग की गई है कि अगर पंजाब पुलिस उसे गिरफ्तार करना चाहती है तो कम से कम 10 दिन का नोटिस दिया जाए।
सुरक्षा और FIR की जानकारी की मांग
अपनी याचिका में नवनीत ने यह भी पूछा है कि पंजाब में उसके खिलाफ कितनी FIR दर्ज हैं। साथ ही, उसने पंजाब पुलिस से अपनी और अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विवाद की शुरुआत
नवनीत चतुर्वेदी ने पंजाब से खाली राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने दावा किया कि 10 AAP विधायकों का समर्थन प्राप्त है, और उनके हस्ताक्षर भी प्रस्तुत किए। हालांकि, विधायकों ने इस दावे को झूठा बताया और खारिज कर दिया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने के लिए 14 अक्टूबर को चंडीगढ़ पहुंची।
सुर्खना झील पर टकराव
नवनीत की राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया के कारण वह चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में थे। इस कारण चंडीगढ़ पुलिस ने उसे पंजाब ले जाने की अनुमति नहीं दी। इसी दौरान सुखना झील पर पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के बीच टकराव हो गया, और पिस्टलें भी निकाली गईं। अंततः चंडीगढ़ एसएसपी कनवर्धीप ने स्थिति संभाली और नवनीत को सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन लाया गया।
हाईकोर्ट में मामला
चंडीगढ़ पुलिस ने नवनीत को रोपड़ पुलिस के हवाले करने से इनकार कर दिया। अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है और कोर्ट में अगली सुनवाई का इंतजार है।
