अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ वर्किंग लंच के दौरान ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष को वे “बहुत आसानी से” सुलझा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें युद्ध खत्म करने और लोगों की जान बचाने में आनंद आता है।
“मुझे युद्ध सुलझाना पसंद है, क्योंकि मैं जानें बचाना चाहता हूं”
ट्रंप ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान अमेरिका को सही दिशा में चलाने पर केंद्रित है, लेकिन जब भी मौका मिलता है, वे संघर्षों को समाप्त करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे युद्ध सुलझाना अच्छा लगता है, क्योंकि इसका मतलब है कि मैं हजारों, लाखों लोगों की जान बचा सकता हूं।”
पूर्व कार्यकाल में कई संघर्ष सुलझाने का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान आठ बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि इन संघर्षों में रवांडा, कांगो और भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ विवाद भी शामिल था। ट्रंप के अनुसार, “हर बार जब मैंने युद्ध सुलझाया, लोगों ने कहा कि अब मुझे नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।”
नोबेल पुरस्कार पर तंज — “अब इसकी कोई अहमियत नहीं”
नोबेल प्राइज को लेकर ट्रंप ने कहा कि अब यह पुरस्कार उनके लिए कोई मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा, “मेरे लिए पुरस्कार से ज्यादा जरूरी है — इंसानों की जान बचाना।”
उन्होंने हाल ही में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरोना माचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिलने का जिक्र भी किया। ट्रंप ने बताया कि माचाडो ने अपने भाषण में लोकतंत्र के समर्थन के लिए उनका आभार जताया और यह पुरस्कार आंशिक रूप से उन्हें समर्पित किया।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर बढ़ती चिंता
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच हाल ही में 48 घंटे का संघर्षविराम हुआ था, जिसकी अवधि अब समाप्त हो चुकी है। हालांकि कुछ सूत्रों के अनुसार, संघर्षविराम को कुछ हिस्सों में बढ़ाया गया है।
तालिबान ने पाकिस्तान पर लगाए हवाई हमले के आरोप
इस बीच, अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पक्तिका प्रांत के कई जिलों में हवाई हमले किए, जिससे संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ है। दोनों देशों के बीच स्थिति को सामान्य करने के लिए जल्द ही दोहा में बातचीत होने की संभावना है।
ट्रंप का संकेत — “अगर मौका मिला तो कर दूंगा हल”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें मौका मिला, तो वे पाकिस्तान-अफगानिस्तान विवाद को “स्थायी समाधान” की दिशा में ले जाएंगे। उन्होंने कहा, “यह मसला कठिन नहीं है, बस सही नेतृत्व और नीयत की जरूरत है।”
