दिवाली की चमक के बीच सोमवार की रात दिल्ली में आग की कई घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। दमकल विभाग के मुताबिक, रात 11:30 बजे तक कुल 170 से अधिक फायर कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें से ज्यादातर मामले पटाखों की वजह से आग लगने के थे। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में कहीं भी जनहानि की सूचना नहीं है।
दिल्ली फायर सर्विस ने बताया कि दिवाली की शाम से ही कॉल्स की संख्या लगातार बढ़ रही थी। कई जगहों पर घरों, दुकानों और खुले मैदानों में पटाखों से लगी आग के मामले सामने आए। अधिकतर कॉल्स आवासीय इलाकों से थीं, जहाँ हल्का या मध्यम नुकसान हुआ है। फायर टीमें पूरी रात सक्रिय रहीं और हर कॉल का तुरंत जवाब दिया।
नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में दो फैक्ट्रियों में भीषण आग
दिवाली की रात सबसे बड़ा हादसा नरेला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में हुआ, जहाँ एक जूता फैक्ट्री और कार्डबोर्ड फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसमान में धुएं के गुबार दूर तक नजर आए।
दमकल अधिकारी एस.के. दुआ के अनुसार, कार्ड फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही 26 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके थोड़ी देर बाद पास की एक जूता फैक्ट्री में भी आग लगने की खबर आई। वहां 16 फायर टेंडर तैनात किए गए। दोनों ही जगहों पर दमकल कर्मियों ने पूरी रात मेहनत कर आग पर नियंत्रण पाया।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह तक नुकसान का पूरा आंकलन किया जाएगा।
पूरी रात सक्रिय रहीं दमकल टीमें
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक, दिवाली की रात फायर ब्रिगेड की टीमें पूरी तरह सतर्क रहीं। उन्हें हर थोड़ी देर में नई कॉल्स मिल रही थीं। कई इलाकों में लोगों ने सावधानी बरतने की अपील के बावजूद बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े, जिससे आग की घटनाएँ बढ़ गईं।
फायर विभाग ने पहले ही लोगों से ग्रीन पटाखों का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन रात में हवा शांत रहने और धुएं के जमा होने से हालात चुनौतीपूर्ण बन गए।
राहत की बात
फिलहाल किसी भी घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की खबर नहीं है। दमकल अधिकारियों ने बताया कि सभी कॉल्स का जवाब दिया गया और टीमों ने हर जगह तेजी से कार्रवाई की। मंगलवार सुबह तक घटनाओं की कुल संख्या और नुकसान का विस्तृत ब्योरा सामने आएगा।
दिवाली की इस रात ने जहां रोशनी बिखेरी, वहीं पटाखों की लापरवाही ने एक बार फिर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
