दिवाली के एक दिन बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब हो गई है। मंगलवार, 21 अक्टूबर की सुबह राजधानी में सांस लेना मुश्किल हो गया। आसमान में घनी धुंध की परत छाई रही और हवा में पटाखों का धुआं घुला हुआ नज़र आया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार रात दिवाली के जश्न के दौरान भारी मात्रा में पटाखे फोड़ने से वायु गुणवत्ता “गंभीर” स्तर पर पहुंच गई।
सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 531 दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय औसत से करीब 1.8 गुना ज्यादा है। कई इलाकों में तो हालात और भी बिगड़े हुए हैं — नरेला में AQI 551, वजीरपुर में 408, और अशोक नगर में 493 तक पहुंच गया। ये आंकड़े “रेड जोन” श्रेणी में आते हैं, जिसका मतलब है — हवा “बहुत खराब” से “गंभीर” स्तर पर है।
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहर नोएडा और गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। नोएडा में औसत AQI 407, जबकि गुरुग्राम में 402 दर्ज किया गया। दोनों ही जगहों पर सुबह हल्की धुंध और धुआं फैला रहा।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों का हाल (सुबह 6 बजे तक)
- आनंद विहार: 352
- बवाना: 418
- वजीरपुर: 408
- जहांगीरपुरी: 404
- अशोक विहार: 386
- आर.के. पुरम: 369
- रोहिणी: 367
- नरेला: 354
- आईजीआई एयरपोर्ट (T3): 294
- लोधी रोड: 334
कई जगहों पर सुबह धुंध इतनी घनी थी कि दृश्यता कुछ ही मीटर रह गई। लोग आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं।
एनसीआर के शहरों में स्थिति
- गाजियाबाद: लोनी और वसुंधरा में AQI 329 से 351 के बीच रहा।
- नोएडा: सेक्टर-116 में 340 और सेक्टर-125 में 326 तक पहुंचा।
- गुरुग्राम: सेक्टर-51 और एनआईएसई क्षेत्र में AQI 346 से 357 के बीच रहा।
कुल मिलाकर पूरे एनसीआर में वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण के कारण
मौसम विभाग ने बताया कि दिवाली की रात हवा बिल्कुल नहीं चली, जिससे पटाखों का धुआं और धूलकण वातावरण में फंस गए। तापमान गिरने और हवा की दिशा बदलने के कारण प्रदूषक तत्व ज़मीन के पास जम गए और स्मॉग की परत बन गई।
ग्रैप-2 लागू
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू कर दिया गया है। इसके तहत:
- डीजल जनरेटर पर रोक लगाई गई है।
- पार्किंग शुल्क बढ़ाया गया, ताकि निजी वाहन कम चलें।
- सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई गई है।
- मेट्रो सेवा को भी बढ़ाया गया है।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन — मंगलवार और बुधवार — हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना बहुत कम है। हवा धीमी रहने और तापमान घटने से प्रदूषण का असर और बढ़ सकता है।
AQI स्केल के मुताबिक —
- 0 से 50 तक “अच्छा”
- 51 से 100 “संतोषजनक”
- 101 से 200 “मध्यम”
- 201 से 300 “खराब”
- 301 से 400 “बहुत खराब”
- 401 से 500 “गंभीर” माना जाता है।
वर्तमान में दिल्ली और एनसीआर के कई इलाके इस गंभीर श्रेणी में पहुंच चुके हैं, जिससे यह साफ है कि दिवाली के बाद राजधानी की हवा फिर से “गैस चेंबर” बन गई है।
