पंजाब की भगवंत मान सरकार ने जनता को बड़ी राहत देते हुए नकोदर–जगराओं स्टेट हाइवे पर स्थित टोल प्लाजा को बंद करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम जनहित और पारदर्शी शासन की दिशा में एक और मजबूत कदम है।
सूत्रों के मुताबिक, यह टोल प्लाजा अब अपनी नियत अवधि से दो साल पहले ही बंद किया जाएगा। यह पंजाब का 19वां टोल प्लाजा है जिसे मौजूदा सरकार ने बंद करने का निर्णय लिया है।
नियमों की अनदेखी बनी टोल बंद होने की वजह
सरकारी सूत्रों के अनुसार, टोल प्लाजा के संचालन में नियमों का उल्लंघन, रखरखाव की कमी और यात्रियों को सुविधाओं की अनदेखी की वजह से यह निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कहा है कि “सुविधाएं नहीं तो टोल भी नहीं” — यानी जब तक सड़क और व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी, तब तक वसूली का कोई हक नहीं है।
बीएंडआर (B&R) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टोल बंद करने की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं, और सड़क की मरम्मत व रखरखाव के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।
लोगों को सीधा फायदा, अब नहीं देना होगा टैक्स
नकोदर–जगराओं रोड का इस्तेमाल करने वाले हजारों यात्रियों को अब टोल टैक्स से राहत मिलेगी। इससे न केवल रोजाना के खर्च में बचत होगी, बल्कि सफर भी सुगम और तेज़ होगा।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से राज्य में यातायात आसान होगा और आर्थिक बोझ घटेगा।
आम आदमी पार्टी सरकार की नीति: नया टोल नहीं, पुराने खत्म
आम आदमी पार्टी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अब तक एक भी नया टोल प्लाजा नहीं खोला है।
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में राज्य में केवल दो टोल प्लाजे सक्रिय हैं। यदि वहां भी सुविधाओं या रखरखाव में कमी पाई गई, तो सरकार उन्हें भी बंद करने में देर नहीं करेगी।
टोल कलेक्शन पर ब्रेक, जनता को लाभ
वित्त वर्ष 2024–25 के दौरान पंजाब के टोल प्लाजों से करीब 222 करोड़ रुपये की कुल वसूली हुई थी। सरकार का कहना है कि अब यह पैसा सड़क सुरक्षा, रखरखाव और जनकल्याण योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।
इस कदम से यात्रा सस्ती और सुविधाजनक होगी। सरकार का दावा है कि यह फैसला लोगों के हित में है और इससे राज्य में सड़क ढांचे में सुधार भी देखने को मिलेगा।
