मुख्यमंत्री मान ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कहा कि “पंजाब को पराली जलाने के नाम पर योजनाबद्ध तरीके से बदनाम किया जा रहा है।” उन्होंने बताया कि अभी राज्य की मंडियों में करीब 90 लाख मीट्रिक टन फसल आनी बाकी है, ऐसे में पराली जलाने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि जो लोग पंजाब को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वे भूल जाते हैं कि हरियाणा पंजाब और दिल्ली के बीच स्थित है, लेकिन उसे कभी दोषी नहीं ठहराया जाता।
दिल्ली का AQI खराब, तो पंजाब कैसे जिम्मेदार?
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब पंजाब में पराली जलाने के मामले सामने नहीं आए, तब भी दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब क्यों है?
उन्होंने कहा कि पंजाब के अन्नदाता किसानों को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने अभी तक प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस विकल्प नहीं दिया है।
केन्द्र सरकार पर पक्षपात का आरोप
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ “सौतेला व्यवहार” कर रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये की सहायता अभी तक राज्य को नहीं मिली है।
इसके विपरीत, केंद्र सरकार इस रकम को अन्य योजनाओं के फंड में एडजस्ट करने की कोशिश कर रही है। मान ने कहा कि पंजाब देश का “अन्न भंडार और रक्षा की भुजा” है, और केंद्र को उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।
