पंजाब सरकार ने राज्य के खिलाड़ियों और औद्योगिक कर्मचारियों के लिए एक साथ दो बड़े फैसले लिए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
पहला फैसला खिलाड़ियों के लिए है — सरकार ने पंजाब स्पोर्ट्स मेडिकल कैडर में
गुरुह-A की 14, गुरुह-B की 16 और गुरुह-C की 80 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है।
इन नियुक्तियों से राज्य में खेलों से जुड़ी मेडिकल सहायता प्रणाली को मज़बूती मिलेगी।
खिलाड़ियों को मिलेगा वैज्ञानिक देखभाल का लाभ
खेल विभाग का कहना है कि इस फैसले से पंजाब में स्पोर्ट्स साइंस और मेडिकल सपोर्ट सिस्टम को नया बल मिलेगा।
खिलाड़ियों को चोट लगने की स्थिति में अब तेज़ रिकवरी और विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा,
जिससे उनके प्रदर्शन में भी सुधार होगा।
ये मेडिकल विशेषज्ञ राज्य के प्रमुख खेल जिलों जैसे —
पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर, मोहाली, रूपनगर और होशियारपुर में तैनात किए जाएंगे।
इन जिलों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां खेल सुविधाएं और खिलाड़ी संख्या दोनों अधिक हैं।
डेराबस्सी को मिलेगा 100 बेड का ईएसआई अस्पताल
दूसरा बड़ा निर्णय औद्योगिक कर्मचारियों के हित में लिया गया है।
सरकार ने डेराबस्सी में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) अस्पताल के निर्माण के लिए
लगभग 4 एकड़ जमीन लीज पर देने की अनुमति दी है।
इस कदम से डेराबस्सी और आसपास के औद्योगिक इलाकों के कामगारों को
बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
अभी तक ये कर्मचारी लुधियाना, मोहाली और चंडीगढ़ स्थित ईएसआई अस्पतालों पर निर्भर रहते थे।
उद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा बड़ा राहत पैकेज
डेराबस्सी और उसके आस-पास के औद्योगिक क्षेत्रों में हज़ारों मजदूर और कर्मचारी काम करते हैं।
नए ईएसआई अस्पताल के बन जाने से
लुधियाना और मोहाली के मौजूदा अस्पतालों पर दबाव घटेगा
और औद्योगिक क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक कल्याण को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का कहना है कि इस कदम से राज्य में
स्वास्थ्य सुविधाओं और श्रमिक कल्याण दोनों क्षेत्रों में
संतुलित विकास का नया मॉडल तैयार होगा।
पंजाब सरकार का लक्ष्य – “स्वस्थ खिलाड़ी”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार
खिलाड़ियों और मजदूरों दोनों की भलाई के लिए ठोस कदम उठा रही है।
खेलों को विज्ञान और स्वास्थ्य से जोड़ना राज्य के
“स्वस्थ और सशक्त पंजाब” के विज़न की दिशा में एक अहम कदम है।
