आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
वड़िंग ने नशे के विकल्प के तौर पर अफीम या भूखी की खेती को वैध करने की वकालत की थी।
AAP के वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे
कांग्रेस की “कमज़ोर मानसिकता” और “नशे पर नाकामी की स्वीकारोक्ति” बताया।
‘एक नशे का विकल्प दूसरा नशा नहीं हो सकता’
नील गर्ग ने कहा कि नशे का कोई विकल्प नशा नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि यह सोच दिखाती है कि कांग्रेस आज भी पुराने ढर्रे से बाहर नहीं निकल पाई है।
उनके अनुसार, यही वजह है कि कांग्रेस सरकार अपने शासनकाल में पंजाब से नशे का खात्मा नहीं कर सकी।
गर्ग ने 2017 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि
तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने
“गुटका साहिब की कसम” खाकर चार हफ्तों में नशा खत्म करने का वादा किया था,
लेकिन पूरे पांच साल के शासन में कुछ नहीं किया गया।
‘कांग्रेस की सोच ही नकारात्मक है’
AAP प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा —
“जब कांग्रेस खुद नशा खत्म नहीं कर सकी,
तो अब उसके नेताओं को लगता है कि नशा कभी खत्म ही नहीं हो सकता।”
उन्होंने कहा कि वड़िंग जैसे नेता
जनता को भ्रमित करने वाले बयान देकर
राज्य की युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
‘मान सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ा है’
नील गर्ग ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में
चल रही राज्य सरकार की नशे के खिलाफ मुहिम की सराहना की।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने
नशे के खिलाफ एक योजनाबद्ध और सख्त अभियान शुरू किया है।
गर्ग ने कहा कि “आज पंजाब में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन
साझा मिशन के तहत काम कर रहे हैं ताकि नशे की जड़ को पूरी तरह उखाड़ा जा सके।”
‘नशे से मुक्ति ही असली समाधान’
AAP ने दोहराया कि राज्य सरकार का मकसद
युवाओं को नशे से दूर कर शिक्षा, रोजगार और खेल की ओर लाना है।
गर्ग ने कहा — “पंजाब को अफीम या भूखी की नहीं,
बल्कि नई सोच और स्वच्छ समाज की ज़रूरत है।”
