दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ता जा रहा है। बुधवार सुबह राजधानी के कई इलाकों में हल्का कोहरा और धुंध देखने को मिला। सड़कों पर दृश्यता कम होने से लोगों को परेशानी हुई, वहीं हवा में ज़हर और घुल गया है। प्रदूषण के कारण सुबह की ताज़ा हवा अब लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
प्रदूषण का स्तर 300 के पार
दिल्ली की हवा फिलहाल ‘बहुत खराब (Very Poor)’ श्रेणी में पहुंच गई है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई इलाकों में 350 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। वजीरपुर में AQI 389, रोहिणी में 381, अशोक विहार में 376, सिरिफोर्ट में 369 और सोनीया विहार में 365 दर्ज किया गया।
पंजाबी बाग (359), आरके पुरम (361) और मांडिर मार्ग (336) जैसे क्षेत्रों में भी हवा बेहद प्रदूषित है। हालांकि आईजीआई एयरपोर्ट (297) और लोदी रोड (256) पर स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन यह भी ‘Poor’ कैटेगरी से बाहर नहीं आई है।
धीमी हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हवाओं की रफ्तार केवल 10 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है, जिससे प्रदूषक कण नीचे ही जमे हुए हैं। ठंड और धीमी हवा के कारण प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पा रहा, जिससे हवा और ज़हरीली होती जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान घटेगा, स्मॉग (Smog) की परत और घनी हो जाएगी। इस वजह से सुबह-शाम लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
दिल्लीवालों के लिए मुश्किल भरे दिन
दिल्ली में दिन और रात दोनों समय धुंध और धूल का मिश्रण वातावरण को दूषित बना रहा है। कई जगहों पर वाहन चालकों को सड़कों पर देखने में दिक्कत हुई। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुज़ुर्गों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह की सैर से फिलहाल बचना चाहिए और बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूरी है।
कब मिलेगी राहत?
भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि 4 नवंबर तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हवा की दिशा या गति में सुधार नहीं होने से प्रदूषण का स्तर नीचे आने की संभावना कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने पर ही कुछ राहत मिल सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण का कहर बढ़ गया है। कोहरा, धीमी हवाएं और धूल मिलकर हवा को और ज़हरीला बना रहे हैं। राजधानी में ‘क्लीन एयर’ की उम्मीद अभी दूर है, और फिलहाल लोगों को एयर प्यूरीफायर, मास्क और सावधानी के सहारे ही राहत ढूंढनी होगी।
