पंजाब सरकार ने नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित एक विशेष पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य पंजाब के बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को राज्य और देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाना है।
केजरीवाल बोले — “यह श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगी”
कार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने भगवंत मान के नेतृत्व में जनता की सेवा के लिए एक अनूठा और प्रेरणादायक प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत श्रद्धालुओं का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी सिस्टम के ज़रिए किया गया है ताकि किसी भी प्रकार का पक्षपात न हो।
उन्होंने कहा, “बहुत से लोगों के मन में पवित्र स्थलों के दर्शन करने की इच्छा होती है, लेकिन आर्थिक या स्वास्थ्य कारणों से वे नहीं जा पाते। यह योजना ऐसे लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।”
केजरीवाल ने बताया कि तीर्थ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ मेडिकल टीम भी रहेगी, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके। यात्रा के दौरान प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तीर्थ यात्रा पर जाते समय वे पंजाब की शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए प्रार्थना करें।
उन्होंने कहा, “पंजाब महान गुरुओं, संतों और शहीदों की धरती है। यह पहल उन्हीं की शिक्षाओं से प्रेरित है, जो भाईचारे और एकता का संदेश देती हैं।”
भगवंत मान ने बताया योजना का पूरा विवरण
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह योजना लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गई है और इसका दूसरा चरण और भी व्यवस्थित और विस्तृत होगा। उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र से 16 हजार श्रद्धालुओं का चयन किया जाएगा।
इन यात्राओं में श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदर साहिब (स्वर्ण मंदिर), दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियांवाला बाग, पार्टीशन म्यूज़ियम और अमृतसर के अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाए जाएंगे। इसके अलावा आनंदपुर साहिब और हिमाचल प्रदेश के माता नैना देवी मंदिर की यात्रा भी इस योजना में शामिल है।
सभी धर्मों के लोगों के लिए खुली योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना सभी वर्गों, धर्मों और आय वर्गों के लोगों के लिए खुली है। यात्रा के दौरान तीन दिन और दो रातों का ठहराव दिया जाएगा। 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालु ही इस योजना के पात्र होंगे और पंजीकरण के लिए वोटर कार्ड अनिवार्य रहेगा।
हर 100 पंजीकृत लोगों में से लॉटरी सिस्टम के माध्यम से 40 श्रद्धालुओं का चयन किया जाएगा। यात्रियों के लिए ए.सी. बसें, ए.सी. होटलों में ठहरने की व्यवस्था और भोजन की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक बस में एक सहायक भी मौजूद रहेगा जो श्रद्धालुओं की मदद करेगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह योजना गुरु साहिबानों की शिक्षाओं और दर्शन से प्रेरित है, जो प्यार, भाईचारे और अमन का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि पंजाब का एक बड़ा वर्ग अब तक देशभर के इन धार्मिक स्थलों के दर्शन नहीं कर पाया था, इसलिए सरकार ने रेल मंत्रालय के सहयोग से बाहरी राज्यों की यात्राओं की भी व्यवस्था की है।इस योजना के जरिए सरकार का उद्देश्य न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत करना है, बल्कि लोगों में एकता और सद्भावना की भावना को भी बढ़ावा देना है।
