मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार लगातार जनता को सुविधाएं देने और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए देश की पहली पारदर्शी संपत्ति पंजीकरण प्रणाली — “ईज़ी रजिस्ट्री” — की शुरुआत की है। इस प्रणाली ने पंजाब में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है।
घर बैठे सिर्फ 48 घंटे में पूरी होगी रजिस्ट्री
अब लोगों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसील या सब-रजिस्टार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। “ईज़ी रजिस्ट्री” के ज़रिए नागरिक घर बैठे ही 48 घंटे के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि आम लोगों को भ्रष्टाचार और दलालों से भी मुक्ति मिल रही है।
खत्म हुआ सब-रजिस्टार का एकाधिकार
इस प्रणाली के लागू होने के साथ ही सब-रजिस्टार दफ्तरों के एकाधिकार को खत्म कर दिया गया है। अब लोग किसी भी तहसील में या अपने घर से ही ऑनलाइन रजिस्ट्री करवा सकते हैं। पंजाब सरकार का कहना है कि इस फैसले से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी सीधा प्रहार होगा।
मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल ने किया लॉन्च
मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने इस प्रणाली को जनता को समर्पित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह पहल पंजाब सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें नागरिकों को सुविधाजनक, भ्रष्टाचार-रहित और तेज़ सेवा देना प्राथमिकता है।
कैसे करवाएं ‘ईज़ी रजिस्ट्री’
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अपने जिले के किसी भी सब-रजिस्टार दफ्तर में अपनी डीड रजिस्टर्ड करवा सकते हैं।
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48 घंटे में पूरी होगी ऑनलाइन जांच और रजिस्ट्री प्रक्रिया।
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इसके लिए आप 1076 पर कॉल कर सकते हैं या नजदीकी सब-रजिस्टार दफ्तर के सेवा केंद्र में जा सकते हैं।
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अब तहसीलदारों की ओर से कोई अनावश्यक आपत्ति (इतराज) नहीं लगाई जाएगी।
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डीसी यह सुनिश्चित करेंगे कि हर रजिस्ट्री बिना किसी देरी या परेशानी के पूरी हो।
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अगर कोई रिश्वत मांगे, तो नागरिक सीधे व्हाट्सएप पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
जनता के बीच लोकप्रिय हो रही नई पहल
सरकार का कहना है कि यह योजना प्रदेश की सभी तहसीलों में तेजी से लागू की जा रही है और लोग इस प्रणाली से बेहद संतुष्ट हैं। रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ने से आम नागरिकों का विश्वास प्रशासन पर और मजबूत हुआ है।
“ईज़ी रजिस्ट्री” न केवल तकनीकी सुधार का प्रतीक है, बल्कि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की उस प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है जिसमें भ्रष्टाचार खत्म कर जनता को घर बैठे सरकारी सेवा देने की दिशा में पंजाब एक नया उदाहरण पेश कर रहा है।
