भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 31 अक्टूबर को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। हालांकि अक्टूबर महीना समग्र रूप से बाजार के लिए शानदार रहा और सेंसेक्स-निफ्टी ने सात महीनों में सबसे बेहतर मासिक बढ़त दर्ज की।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बीएसई सेंसेक्स आज 465.75 अंक या 0.55% टूटकर 83,938.71 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 155.75 अंक या 0.60% गिरकर 25,722 के स्तर पर आ गया। लगातार दूसरे दिन की गिरावट के बावजूद अक्टूबर महीने में सेंसेक्स में करीब 4.6% और निफ्टी में 4.5% की मजबूती दर्ज की गई — जो मार्च 2025 के बाद की सबसे बड़ी मासिक तेजी है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट
ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर बंद हुआ। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.55% गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.40% की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों ने बड़े और छोटे दोनों शेयरों में मुनाफावसूली की।
सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयर
निफ्टी-50 पैक के 41 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इनमें Eternal सबसे बड़ी गिरावट वाला शेयर रहा, जो 3.45% टूटा। इसके अलावा NTPC, Cipla और Max Healthcare के शेयरों में भी करीब 2.5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा कारोबार वाले शेयर
ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से वोडाफोन आइडिया आज सबसे सक्रिय शेयर रहा। कंपनी के करीब 77.95 करोड़ शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई। इसके बाद YES Bank (21.08 करोड़), Sagility (20 करोड़), Suzlon Energy (10.80 करोड़) और IDFC First Bank (9.56 करोड़) के शेयरों में भी जबरदस्त कारोबार देखा गया।
निवेशकों के लिए क्या संदेश?
विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में फिलहाल मुनाफावसूली का दौर चल रहा है और निवेशक तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले सत्रों में ग्लोबल संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों का असर भारतीय बाजार पर देखने को मिल सकता है।
