पंजाब में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण के काम को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पूरी तरह गंभीर है। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित सीएम फ्लाइंग स्क्वाड पंजाब मंडी बोर्ड और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त नजर रख रहा है।
₹4,150 करोड़ की बड़ी परियोजना
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ₹4,150 करोड़ की लागत से पूरे पंजाब में 19,491 किलोमीटर लंबी ग्रामीण लिंक सड़कों की मरम्मत और उन्नयन का बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना और किसानों को मंडियों तक सुगम पहुंच देना है।
गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर कार्रवाई
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट कहा कि सड़कों में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन अगर कोई ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की टीमें लगातार फील्ड में जाकर जांच कर रही हैं और अब तक फरीदकोट, एस.बी.एस. नगर, तरन तारन, श्री मुक्तसर साहिब, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर जिलों में कार्यों का निरीक्षण किया जा चुका है।
पंजाब में कुल 64,878 किमी लिंक सड़कें
कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब में कुल 30,237 लिंक सड़कें हैं, जिनकी लंबाई 64,878 किलोमीटर है। इनमें से 33,492 किमी सड़कें पंजाब मंडी बोर्ड और 31,386 किमी सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं। सरकार अब 7,373 लिंक सड़कों (19,491 किमी लंबाई) की मरम्मत और उन्नयन का काम शुरू कर चुकी है।
पांच साल तक रखरखाव की व्यवस्था
इस परियोजना पर कुल ₹4,150.42 करोड़ खर्च होंगे, जिनमें से ₹3,424.67 करोड़ सड़क मरम्मत व उन्नयन पर और ₹725.75 करोड़ पांच साल के रखरखाव पर खर्च किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए एआई सर्वेक्षण (Artificial Intelligence Survey) किया गया, जिससे ₹383.53 करोड़ की बचत हुई है।
सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान
जनसुरक्षा के लिए सरकार ने ₹91.83 करोड़ की लागत से एक सड़क सुरक्षा परियोजना भी शुरू की है। इसके तहत धुंध या अंधेरे में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लिंक सड़कों के दोनों किनारों पर तीन इंच चौड़ी सफेद पट्टियां पेंट की जाएंगी।
