बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन है। मंगलवार शाम को जैसे ही घड़ी 6 बजे का समय बताएगी, चुनावी रैलियों का शोर थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर मतदाताओं से मुलाकात कर सकेंगे और अंतिम 24 घंटे में लोगों को अपने पक्ष में मतदान के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे।
राज्य में इस बार चुनावी माहौल चरम पर है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधन ने अपनी पूरी ताकत पहले चरण की सीटों पर झोंक दी है। आज कई जिलों में दिग्गज नेता जनसभाएं और रोड शो कर रहे हैं, ताकि अंतिम समय में जनता के दिलों में जगह बनाई जा सके।
6 नवंबर को पहले चरण की वोटिंग
पहले चरण में कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इनमें से 102 सीटें सामान्य हैं, जबकि 19 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इस चरण में 18 जिलों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता वोट डालेंगे। इनमें 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिला और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
1,314 प्रत्याशी मैदान में
इस चरण में कुल 1,314 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें 1,192 पुरुष और 122 महिला उम्मीदवार हैं। सभी की निगाहें 6 नवंबर पर टिकी हैं, जब जनता ईवीएम के बटन दबाकर तय करेगी कि किसकी किस्मत खुलेगी और किसकी बंद।
45,341 मतदान केंद्र बनाए गए
पहले चरण की वोटिंग के लिए 45,341 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं। इनमें 36,733 बूथ ग्रामीण इलाकों में और 8,608 बूथ शहरी क्षेत्रों में हैं।
विशेष बात यह है कि इनमें से 926 बूथों का संचालन पूरी तरह महिलाओं के द्वारा किया जाएगा, जबकि 107 बूथ दिव्यांगजन चलाएंगे। इसके अलावा 320 मॉडल बूथ भी बनाए गए हैं, जहां मतदाताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सुरक्षा और निगरानी की तैयारी पूरी
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था की है। पहले चरण में 121 सामान्य पर्यवेक्षक, 18 पुलिस पर्यवेक्षक और 33 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। हर बूथ पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
अगले चरण और नतीजे
पहले चरण के बाद बिहार में दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। इस चरण में 122 सीटों पर मतदान किया जाएगा। इसके बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा 14 नवंबर को होगी।
चुनावी सरगर्मी चरम पर
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल और गर्म होता जा रहा है। नेताओं की बयानबाजी, सभाओं की भीड़ और जनता की चर्चा — सबकुछ बिहार की गलियों में चुनावी रंग घोल रहा है।
अब देखना यह है कि पहले चरण की 121 सीटों पर जनता किसे मौका देती है — सत्तारूढ़ गठबंधन को या विपक्षी महागठबंधन को।
बिहार चुनाव का पहला चरण अब फाइनल राउंड में पहुंच चुका है। प्रचार का शोर थमने के बाद अब जनता की बारी है — जो 6 नवंबर को वोटिंग के जरिए तय करेगी कि राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
