पंजाब सरकार ने नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की अमर शहादत और उनके अद्वितीय संदेश को समर्पित 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में राज्यस्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी है। इस अवसर पर गुरु जी की शिक्षाओं — सत्य, सहिष्णुता और धार्मिक स्वतंत्रता — को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है।
गुरु तेग बहादुर जी की शहादत: मानवता के सम्मान का प्रतीक
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत केवल किसी धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के अधिकारों और सम्मान के लिए थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गुरु जी का संदेश आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचे।
स्कूलों और कॉलेजों में विशेष शैक्षिक कार्यक्रम
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 10 नवंबर से सभी स्कूलों में 15 दिन का विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। नर्सरी से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम अनिवार्य होगा।
प्रातःकालीन सभा में 10 से 12 मिनट का एक ऑडियो पाठ प्रसारित किया जाएगा जिसमें गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, त्याग और खालसा पंथ की स्थापना की कहानी बताई जाएगी। इसके अलावा कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में सेमिनार और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे ताकि युवा वर्ग इस विरासत से प्रेरणा ले सके।
पूरे पंजाब में “लाइट एंड साउंड शो”
4 नवंबर से राज्य के सभी जिलों में 45 मिनट का लाइट एंड साउंड शो शुरू किया जा रहा है। यह शो गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शहादत को प्रदर्शित करेगा।
पहले दिन पटियाला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट में इसका आयोजन होगा, इसके बाद यह शो अन्य जिलों में भी प्रस्तुत किया जाएगा।
नगर कीर्तन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम
देश के विभिन्न हिस्सों से चार नगर कीर्तन निकाले जाएंगे। पहला नगर कीर्तन 19 नवंबर को श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से आरंभ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, और अन्य नेता शामिल होंगे।
बाकी तीन नगर कीर्तन फरीदकोट, बठिंडा और गुरदासपुर से निकलेंगे और 22 नवंबर की शाम को श्री आनंदपुर साहिब पहुँचेंगे।
मुख्य आयोजन श्री आनंदपुर साहिब में
मुख्य कार्यक्रम 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में होंगे।
23 नवंबर को अखंड पाठ साहिब, “सर्व धर्म सम्मेलन”, और 500 ड्रोन वाला देश का पहला ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। शाम को “शहादत दी लौ” के तहत पूरे नगर को मशालों से आलोकित किया जाएगा।
24 नवंबर को “सीस भेंट नगर कीर्तन” श्री कीरतपुर साहिब से चलेगा और विधानसभा द्वारा भाई जैंता जी की याद में विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
25 नवंबर को अखंड पाठ के भोग और प्रसिद्ध कीर्तन जत्थों द्वारा कीर्तन दरबार का आयोजन होगा।
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
सरकार को अनुमान है कि इन कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके लिए तीन बड़ी टेंट सिटी, 106 एकड़ पार्किंग, 500 ई-रिक्शा, और 100 मिनी बसें चलाई जाएंगी।
साथ ही, 23 से 25 नवंबर तक हर तहसील से नि:शुल्क बस सेवा श्री आनंदपुर साहिब के लिए उपलब्ध होगी।
मंत्री बैंस का संदेश
हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब सरकार सभी संगत को आमंत्रित करती है कि वे नौवें पातशाह की शहादत को नमन करने के लिए एकत्र हों। यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों — त्याग, सहिष्णुता और मानवता की रक्षा — को स्मरण करने का अवसर है।”
