मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की सक्रिय पहल का असर अब साफ दिखने लगा है। धान की सुचारू खरीद के लिए उठाए गए ठोस कदमों के चलते राज्य में इस बार रिकॉर्ड खरीद हुई है।
5 नवंबर तक 10,11,149 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिल चुका है — यानी अब तक 10 लाख से ज्यादा किसान सीधे सरकारी खरीद प्रणाली से लाभान्वित हो चुके हैं।
सरकार की निगरानी में तेज़ी से चल रही खरीद
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के अनुसार, मंडियों में धान की खरीद, उठान (लिफ्टिंग) और भुगतान की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और गति के साथ जारी है।
उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पटियाला जिला सबसे आगे
अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, पटियाला जिला धान खरीद में सबसे आगे है, जहाँ 95,021 किसानों को एमएसपी का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा संगरूर, मोगा, बरनाला और लुधियाना जिले भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
धान आमद और खरीद के आँकड़े
5 नवंबर की शाम तक राज्य की मंडियों में कुल 1,38,69,759 मीट्रिक टन धान की आमद हुई।
इनमें से 1,35,97,879 मीट्रिक टन धान की खरीद पहले ही पूरी की जा चुकी है — जो कुल आमद का लगभग 98 प्रतिशत है।
इतनी बड़ी मात्रा में खरीद दर्शाती है कि पंजाब में इस बार न केवल खरीद प्रक्रिया सुचारू रही, बल्कि किसानों को भी समय पर भुगतान मिल रहा है।
इसके साथ ही राज्य में अब तक 1,17,29,851 मीट्रिक टन धान का उठान (लिफ्टिंग) हो चुका है, जो खरीदी गई कुल फसल का 86 प्रतिशत है। यानी फसल मंडियों से मिलों तक लगातार पहुँचाई जा रही है।
सरकार का दावा — पारदर्शी और किसान-हितैषी प्रक्रिया
सरकार का कहना है कि इस बार धान खरीद को डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली के तहत संचालित किया जा रहा है। किसानों के भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि “राज्य का हर किसान हमारा परिवार है, और उसे मेहनत का पूरा मूल्य देना सरकार की जिम्मेदारी है।”
किसानों में उत्साह
सरकारी खरीद की रफ्तार और समय पर भुगतान से किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं। कई मंडियों में किसानों ने कहा कि इस बार “किसी तरह की देरी या अड़चन नहीं आई” और “एमएसपी का पैसा सीधे खाते में मिल रहा है।”
पंजाब सरकार की इस पहल ने किसानों के बीच भरोसा और बढ़ाया है। तेज़ खरीद, पारदर्शी भुगतान और सक्रिय प्रशासन के चलते इस साल की धान खरीद को अब तक की सबसे सफल और सुचारू खरीद माना जा रहा है।
