राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आखिरकार सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से हल्की ठंड का एहसास तो था, लेकिन अब तापमान में गिरावट के साथ ठंड ने पूरी तरह से अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 7 नवंबर की रात से दिल्ली में न्यूनतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाएगा, जबकि दिन का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से कम रहेगा। यानी सुबह-शाम ठंडक और दिन में हल्की धूप — दोनों का मिश्रित मौसम रहेगा।
सुबह का कोहरा और बढ़ती ठंड
राजधानी में कोहरे की शुरुआत 5 नवंबर से ही हो चुकी है। सुबह-सुबह कई इलाकों में हल्की धुंध और कोहरा छा जाता है, जिससे विज़िबिलिटी भी घट जाती है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो से तीन दिनों में ठंड और बढ़ेगी। 7 से 9 नवंबर के बीच रातें और ज्यादा सर्द होंगी, जिससे दिल्लीवालों को नवंबर की शुरुआत में ही दिसंबर जैसी ठंड महसूस होने लगेगी।
ठंडी हवाओं का असर
पिछले 24 घंटों में दिल्ली-एनसीआर के तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही, 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएँ सर्दी को और तेज कर रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं की वजह से हो रहा है। दिन के समय धूप निकलेगी, लेकिन उसकी गर्माहट ज्यादा देर तक नहीं टिकेगी।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
ठंड के साथ दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 311 दर्ज किया गया है, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है।
देशभर में दिल्ली फिलहाल चौथा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जबकि हरियाणा का रोहतक शहर 348 के AQI के साथ सबसे ऊपर है।
दिल्ली-एनसीआर के अन्य शहरों में भी हालात अच्छे नहीं हैं —
- नोएडा: AQI 257
- गाजियाबाद: AQI 250
- गुड़गांव: AQI 257
- ग्रेटर नोएडा: AQI 228
क्या करना होगा जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के साथ प्रदूषण बढ़ने से सांस और एलर्जी की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सुबह की सैर के दौरान सावधानी बरतें, और जिन लोगों को सांस की समस्या है, वे मास्क जरूर पहनें।
